रविवार, 10 दिसंबर, 2006 को 19:29 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों और गठबंधन सेनाओं के बीच चल रही लड़ाई में अफ़ग़ान नागरिकों ख़ासकर बच्चों की मौत पर राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने गहरा दुख और क्षोभ व्यक्त किया है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार घोषणा की 58वीं वर्षगाँठ के मौक़े पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों और युवकों की मौत सिर्फ़ पाकिस्तान से आए 'आतंकवादियों' की वजह से नहीं हो रही बल्कि अंतरराष्ट्रीय सेना और 'आतंकवादियों' के बीच जारी लड़ाई के कारण भी हो रही है.
देश के कई हिस्सों की चिंताजनक माहौल के बावजूद अपनी असहाय स्थिति का ज़िक्र करते हुए राष्ट्रपति की आँखों से आँसू बह निकले.
करज़ई ने कहा कि आतंकवाद और उसके ख़िलाफ़ लड़ाई दोनों में ही अफ़ग़ान नागरिक मारे रहे हैं
करज़ई ने नागरिकों के सामने माना कि अफ़ग़ानिस्तान अभी इतना सक्षम नहीं कि वह आतंकवादियों के लिए पाकिस्तान से आने वाले हथियारों को रोक सके या फिर अंतरराष्ट्रीय सैनिकों को आतंकवादियों पर बमबारी करने से ही मना कर सके.
लेकिन उन्होंने कहा कि दोनों ही हमलों में अफ़गान बच्चे मारे जाते हैं.
अफ़ग़ानिस्तान बार-बार पाकिस्तान पर ये आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान में तालेबान चरमपंथियों को पनाह मिलती है जहाँ से वे अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक गतिविधियाँ चलाते हैं
लेकिन पाकिस्तान हमेशा इससे इनकार करता है और कहता है कि वह ख़ुद आतंकवाद से लड़ता रहा है.
करज़ई के प्रवक्ता ख़ालिद अहमद ने बताया कि शनिवार को नैटो बमबारी में दो साल के एक बच्चे और दो अफ़ग़ान अध्यापकों की मौत को लेकर राष्ट्रपति करज़ई भावुक हो गए.
'सीमित अधिकार'
करज़ई ने कहा, "दशकों से अफ़ग़ानिस्तान के पास सीमित अधिकार रहे हैं. सोवियत आक्रमण के समय से लेकर गृह युद्द और फिर तालेबान शासन तक."
उन्होंने कहा कि हज़ारों अफ़ग़ान शरणार्थी बनकर देश छोड़ गए और तालेबान शासन के दौरान औरतों को बेइज़्ज़त किया गया.
अपने भाषण में करज़ई ने नैटो सेना के हमलों में मारे गए अफ़ग़ान नागरिकों के प्रति दुख ज़ाहिर किया.
राष्ट्रपति ने कहा कि अफ़ग़ान लड़कियाँ स्कूल जाने से भी घबराने लगी हैं और नैटो के कई हमलों में तो पूरा का पूरा परिवार ख़त्म हो गया है.
अफ़ग़ानिस्तान में इस साल सौ से ज़्यादा आत्मघाती हमले हुए हैं और क़रीब चार हज़ार लोग आतंकवाद से जुड़ी हिंसा में मारे गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सेना के प्रवक्ता ने इस पर तुरंत टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.