शुक्रवार, 08 दिसंबर, 2006 को 03:58 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई का कहना है कि हिंसा को लेकर अफ़ग़ान लोगों का धैर्य ख़त्म होता जा रहा है.
उनका मानना है कि इस हिंसा के लिए पाकिस्तान की सीमा में स्थित चरमपंथी ज़िम्मेदार हैं.
यह बात राष्ट्रपति करज़ई ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी से राजधानी काबुल में बातचीत के दौरान कही.
उल्लेखनीय है कि इन दिनों पाकिस्तान के विदेश मंत्री अफ़ग़ानिस्तान की यात्रा पर हैं.
इस यात्रा के दौरान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और लोया जिरगा के संबंध में बातचीत होगी ताकि दोनों देशों में शांति और सुरक्षा स्थापित की जा सके.
दरअसल पाकिस्तान की सीमा से लगने वाले इलाक़ों में चरमपंथी हमलों में तेज़ी आई है.
पाकिस्तान पर सवाल
राष्ट्रपति करज़ई इसके पहले भी कह चुके हैं कि उनके देश से सटे पाकिस्तानी सीमा में चरमपंथियों को पनाह मिलती है जहाँ से वे अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक गतिविधियाँ चलाते हैं.
दूसरी ओर पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाता है.
करज़ई ने पाकिस्तान सरकार और क़बायली नेताओं के बीच हुए समझौते की भी निंदा की थी. लेकिन पाकिस्तान का मानना है कि तालेबान से निपटने के लिए यह समझौता बहुत ज़रूरी था.
उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान में हुए एक ताज़ा सर्वेक्षण से पता चला है कि देश के भविष्य के बारे में अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की उम्मीदों में भारी कमी आई है.
बीबीसी और अमरीकी एबीसी टेलीविज़न नेटवर्क ने संयुक्त रूप से एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें केवल आधे से थोड़े अधिक लोगों ने राय व्यक्त की है कि अफ़ग़ानिस्तान सही दिशा में बढ़ रहा है.
सर्वेक्षण में साफ़ दिखता है कि पिछले साल भर में भविष्य को लेकर अफ़ग़ानिस्तान की जनता के आत्मविश्वास में बहुत कमी आई है.