मंगलवार, 05 दिसंबर, 2006 को 13:06 GMT तक के समाचार
भारत में दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री शिबू सोरेन को उनके निजी सचिव शशिनाथ झा की हत्या के मामले में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है.
अदालत ने शिबू सोरेन को पाँच लाख रुपए जुर्माना देने के लिए भी कहा है.
अदालत शिबू सोरेन और चार अन्य लोगों को शशिनाथ झा हत्याकांड मामले में पहले ही दोषी करार दे चुकी है.
चार अन्य सह अभियुक्तों को भी उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है और दस हज़ार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है.
ऐसी ख़बरें आई थीं कि शिबू सोरेन स्वस्थ नहीं हैं जिस कारण अदालत ने शिबू सोरेन को दोषी करार देने के बाद सज़ा सुनाना टाल दिया था.
हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद ही शिबू सोरेन ने अपने मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
आरोप
हत्याकांड मामले में अदालत का फ़ैसला आने के बाद शिबू सोरेन को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया था.
लेकिन उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी जिसके बाद शिबू सोरने को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में भर्ती कराया गया था.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन के अलावा चार अन्य लोगों को भी अदालत ने शशिनाथ झा हत्याकांड में दोषी क़रार दिया था.
सोरेन और इन चारों लोगों पर आरोप है कि उन्होंने शिबू सोरेन के ही पूर्व निजी सचिव शशिनाथ झा को अगवा किया और फिर उनकी हत्या कर दी.
यह मामला 1993 में नरसिंहाराव सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मत न डालने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के चार पूर्व सांसदों को कथित तौर पर घूस देने का था.
शशिनाथ झा को यह बात मालूम थी. माना जाता है कि इसी वजह से उनकी हत्या कर दी गई थी.