बांग्लादेश में राजनीतिक दलों के गठबंधन ने अपनी माँगें मनवाने के लिए किए गए दो दिन के 'चक्का जाम' को फ़िलहाल समाप्त करने का फ़ैसला किया है.
बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक दल आवामी लीग और उसके सहयोगी दलों ने 'चक्का जाम' का आहवान किया था जिससे राजधानी ढाका का देश के अन्य हिस्सों से यातायात संपर्क टूट गया था.
इन दलों ने देश में प्रस्तावित चुनावों के स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाने के लिए चुनावी प्रक्रिया में बदलाव की माँग रखी थी.
बीबीसी संवाददाता रोलाँ बर्क के अनुसार देश की अंतरिम सरकार ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में संशोधन करने और चुनाव की तिथि दोबारा तय करने को कहा है.
फ़ैसला मंगलवार को
चौदह दलों के गठबंधन का कहना है कि 'चक्का जाम' को फ़िलहाल इसलिए समाप्त किया गया है ताकि 21 जनवरी को होने वाले चुनाव स्वतंत्र तरीके से कराने के लिए अंतरिम सरकार चुनावी प्रक्रिया में संशोधन कर सके.
चुनाव की नई तिथि तय करने के लिए सोमवार रात को चुनाव आयुक्तों की बैठक हुई लेकिन किसी अंतिम फ़ैसले की घोषणा नहीं की गई.
अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को इस बारे में घोषणा की जाएगी.
इससे एक दिन पहले राजनीतिक दलों के 'चक्का जाम' के दौरान हिंसक प्रदर्शन हुए और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें भी हुईं.
दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति की छुरा मारकर हत्या कर दी गई.
इससे पहले आवामी लीग और उसके सहयोगी दल ये भी माँग कर रहे थे कि राष्ट्रपति इयाजुददीन अहमद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के अध्यक्ष के पद से इस्तीफ़ा दें.
वे अक्तूबर से इस पद पर हैं और संविधान के अनुसार उस अंतरिम सरकार के अध्यक्ष है जिसकी ज़िम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की है.
लेकिन आवामी लीग ने आरोप लगाया था कि उनका बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की पिछली सरकार की ओर झुकाव है.