रविवार, 03 दिसंबर, 2006 को 14:14 GMT तक के समाचार
भारत की अनुसूचित जातियों और जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने निजी क्षेत्र में आरक्षण की माँग उठाते हुए दिल्ली में एक रैली का आयोजन किया है.
अनुसूचित जाति और जनजाति संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ ने इसका आह्वान किया था.
परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदित राज ने आरोप लगाया, "संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को सत्ता में आए ढाई साल हो गए लेकिन उसने दलितों से किए वादे पूरे नहीं किए."
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार दलितों की माँगे नहीं मानती तो और उग्र कार्रवाई भी हो सकती है.
अपने ज्ञापन में इस परिसंघ का कहना था कि समाज के कुछ वर्गों को आर्थिक उदारीकरण की नीतियों से काफ़ी फ़ायदा हुआ है लेकिन ये दलितों तक नहीं पहुँच पाया.
महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा समेत देश के विभिन्न राज्यों से दलित संगठनों ने इस रैली में भाग लिया.
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी ने भी इस रैली में भाग लिया.
रामविलास पासवान ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जब तक निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू नहीं हो जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा."
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक संविधान में संशोधन करके क़ानून नहीं बनता तब तक उद्योगपति निजी क्षेत्र में आरक्षण नहीं देंगे.
ग़ौरतलब है कि निजी क्षेत्र कहता आया है कि शिक्षा जैसे क्षेत्रों में दलितों को सुविधा प्रदान करने के लिए कुछ कदम उठाए जाने चाहिए. लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर निजी क्षेत्र और सरकार के बीच आम सहमति नहीं बन पाई है.