रविवार, 03 दिसंबर, 2006 को 14:15 GMT तक के समाचार
मदरसों के पाठ्यक्रमों में सुधार के लिए दिल्ली में रविवार को मुस्लिम विद्वानों और राजनेताओं की एक बैठक में केंद्रीय मदरसा बोर्ड के गठन की मांग की गई है.
अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के राष्ट्रीय आयोग ने इस बैठक का आयोजन किया था. बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह भी शामिल हुए.
देश के कई हिस्सों से आए क़रीब एक हज़ार लोगों ने भी बैठक में हिस्सा लिया. बैठक में भाग लेने वाले कुछ लोगों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मदरसों के पाठ्यक्रमों में तुरंत सुधार की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा कि गणित और विज्ञान जैसे आधुनिक विषयों को पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाना चाहिए.
सलाह
बैठक में कहा गया कि सरकार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तर्ज़ पर एक केंद्रीय मदरसा बोर्ड का गठन करना चाहिए.
हालाँकि बैठक में शामिल कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों ने मदरसा की शिक्षा में बदलाव का विरोध किया और कहा कि इससे मदरसों की पहचान प्रभावित होगी.
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार मदरसों को आधुनिक बनाने के लिए सुझावों पर विचार करने को तैयार है.
उन्होंने कहा कि यह ग़लतफ़हमी है कि मदरसों के कारण आतंकवादी पनप रहे हैं. हाल ही मुसलमानों की स्थिति पर आई सच्चर समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में मुसलमान पिछड़े हिंदुओं की तुलना में ज़्यादा प्रभावित हैं.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के क़रीब 14 करोड़ मुसलमान अन्य धर्मों के लोगों के मुक़ाबले ज़्यादा ग़रीब और कम पढ़े-लिखे हैं.