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शुक्रवार, 01 दिसंबर, 2006 को 10:29 GMT तक के समाचार

भारत एड्स पीड़ितों का नया केंद्र: क्लिंटन

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति और एड्स पीड़ितों के लिए क्लिंटन फ़ाउंडेशन चलाने वाले बिल क्लिंटन ने कहा है भारत एचआईवी/एड्स का नया केंद्र बन गया है.

विश्व एड्स दिवस के मौक़े पर जारी संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों में भी कहा गया है कि एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि क़रीब 57 लाख भारतीय एचआईवी पॉज़िटिव हैं. इस मामले में भारत ने दक्षिण अफ़्रीका को पीछे छोड़ दिया है.

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भी बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि भारत एड्स पीड़ितों का नया केंद्र बन गया है.

उन्होंने भारत में इस पर लगाम लगाने को एक बड़ी चुनौती करार दिया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी विश्व एड्स दिवस पर अपनी अपील में सभी देशों के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और राजनेताओं से कहा है कि वे घोषणा करें कि वे एड्स को आगे बढ़ने नहीं देंगे.

आकलन

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) का कहना है कि वर्ष 2005 में एड्स के कारण क़रीब 35 लाख कामकाजी लोगों ने अपनी जान गँवाई. संगठन का आकलन है कि संख्या और बढ़ सकती है.

अपनी एक रिपोर्ट में आईएलओ ने कहा है कि एचआईवी/एड्स के कारण आर्थिक दबाव पूरी दुनिया पर बढ़ेगा लेकिन इससे सबसे ज़्यादा प्रभावित अफ़्रीकी देश होंगे.

विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौक़े पर दक्षिण अफ़्रीका की सरकार एड्स से लड़ने के लिए अगले पाँच साल के दौरान अपनी योजनाओं का विवरण जारी करने वाली है.

दक्षिण अफ़्रीका दुनिया के उन गिने-चुने देशों में है जहाँ एड्स पीड़ितों की संख्या में तेज़ गति से बढ़ोत्तरी होती रही है.

यहाँ क़रीब 50 लाख लोग एचआईवी पॉज़िटिव है और प्रतिदिन क़रीब 900 लोग इसके कारण मारे भी जाते हैं.

पहले दक्षिण अफ़्रीका सरकार की इस बात के लिए आलोचना होती रही है कि उसने इससे निपटने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं किया है. लेकिन अब नागरिक संगठनों ने सरकार के नए रुख़ का स्वागत किया है.