मंगलवार, 28 नवंबर, 2006 को 07:44 GMT तक के समाचार
फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को 1993 के सिलसिलेवार मुंबई बम धमाकों के मामले में विशेष टाडा अदालत ने दोषी पाया है. पर अदालत ने उनकी ज़मानत 19 दिसंबर तक जारी रखी है.
अभी उनकी सज़ा की मियाद तय होनी है. संजय दत्त को 19 दिसंबर को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया है.
उन्हें अवैध तरीके से हथियार रखने का दोषी पाया गया है हांलाकि उनके लिए राहत की बात ये है कि धमाकों की साज़िश रचने के आरोप से उन्हें बरी कर दिया गया है.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक सज़ा के बारे में अभी कोई फ़ैसला नहीं दिया गया है.
जज पीके कोडे ने कहा है कि संजय दत्त के पास जो हथियार मिले थे वे उन लोगों के थे जिन्होंने बम धमाके किए थे और साथ ही जज ने कहा कि संजय दत्त आतंकवादी नहीं है.
टाडा अदालत विभिन्न चरणों में मुंबई बम धमाके मामले में फ़ैसला सुना रही है.
संजय दत्त के वकील सतीश मानशिंदे ने अदालत में कहा कि संजय दत्त की बेटी अमरीका में है और उसकी पढ़ाई के लिए संजय को पैसा का इंतज़ाम करना है.
इसके अलावा ये तर्क भी दिया गया कि संजय की कई फ़िल्में अधूरी हैं और कई फ़िल्म अनुबंध हैं.
संजय दत्त को 13 साल पहले मुंबई बम धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था और लगभग डेढ़ साल तक उन्हें जेल में रहना पड़ा था.
मुंबई में 12 मार्च 1993 को लगभग एक दर्जन धमाके हुए थे जिनमें 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.
आरोप
संजय दत्त मंगलवार को मामले की सुनवाई के लिए अदालत में मौजूद थे. उन्होंने जज से कहा, "मैं परिवार का अकेला कमाने वाला व्यक्ति हूँ."
लेकिन जज ने उन्हें न बोलने और अदालत में रहने के लिए कहा. जिन लोगों को दोषी ठहराया जाता है उन्हें सीधे पुलिस हिरासत में ले लिया जाता है.
संजय दत्त पर हथियार जुटाने और बाद में इसे नष्ट करने का आरोप लगाया गया था.
उन पर आरोप था कि उन्होंने तीन एके-56 रायफल, नौ एमएम पिस्तौल, इसकी गोलियाँ और हथगोले रखे.
अभियोग के मुताबिक टाइगर मेनन ने इन सामानों की तस्करी मुंबई धमाकों के लिए की थी.
केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई का कहना था कि अबू सलेम, बाबा चौहान, मंसूर अहमद, समीर हिंगोरा और हनीफ़ कड़ावाला खुद संजय दत्त के घर हथियार पहुँचाने गए थे.
मुंबई बम धमाकों के सिलसिले में 123 में से 80 से ज़्यादा लोगों को अब तक दोषी करार दिया जा चुका है.