मंगलवार, 28 नवंबर, 2006 को 09:37 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रत्नासिरी विक्रमनायके ने तमिल विद्रोहियों से अपील की है कि वे अपने हथियार त्याग दें और शांति स्थापित करने के लिए बातचीत करें.
प्रधानमंत्री का यह बयान तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के प्रमुख प्रभाकरण के भाषण के एक दिन बाद आया है.
ग़ौरतलब है कि सोमवार को प्रभाकरण ने कहा था कि उनके पास अलग तमिल राष्ट्र के लिए प्रयास करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.
अपने वार्षिक नीतिगत भाषण में प्रभाकरण ने आरोप लगाया था कि चार साल पहले सरकार के साथ जिस संघर्षविराम पर सहमति हुई थी, उसे इस सरकार ने नाकाम कर दिया है.
उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि सरकार तमिल लोगों के ख़िलाफ़ सैनिक और आर्थिक युद्ध चला रही है. प्रभाकरण ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे एलटीटीई के 'स्वतंत्रता संघर्ष' को मान्यता दें.
रत्नासिरी विक्रमनायके ने ज़ोर देकर कहा है कि एलटीटीई को देश में 'आतंकवाद' बंद करना चाहिए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सुरक्षाकर्मी 'आतंकवादी' नहीं हैं.
रत्नासिरी विक्रमनायके का कहना था कि लक्ष्य सत्ता के दो केंद्र बनाने का था जिसमें हर पक्ष की भागीदारी हो.