शनिवार, 25 नवंबर, 2006 को 17:54 GMT तक के समाचार
सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने माँग की है सिखों को सेंसर बोर्ड और उन संस्थाओं में जगह मिलनी चाहिए जो स्कूलों के लिए किताबें तय करती हैं.
एसजीपीसी के नए चुनावों के बाद इस माँग को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया है.
इसमें कहा गया है कि सिखों के लिए अपमानजनक होने के बावजूद कई स्कूली किताबों को स्वीकृति दे दी गई और इसी तरह कई फ़िल्मों को सर्टिफ़िकेट दे दिया गया.
एसजीपीसी की आमसभा ने जो प्रस्ताव पारित किया गया है उसमें कहा गया है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मंज़ूरी देने वाली संस्थाओं में सिखों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है.
सिखों ने सेंसर बोर्ड के अलावा नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) में प्रतिनिधित्व की माँग की है.
इसके अलावा एसजीपीसी ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि अमृतसर के राजा साँसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर किसी सिख गुरु के नाम पर रखा जाना चाहिए.
मक्कड़ फिर अध्यक्ष
इससे पहले अवतार सिंह मक्कड़ को लगातार दूसरी बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष चुन लिया गया.
अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में एसजीपीसी की आमसभा में हुए इस चुनाव में मक्कड़ बहुमत से जीते.
अवतार सिंह मक्कड़ पंजाब की प्रमुख सिख पार्टी शिरोमणि अकाली दल से हैं.
उनका मुक़ाबला शिरोमणि अकाली दल के बाग़ी उम्मीदवार गुरुविंदर सिंह शम्पूरा से था. जिन्हें बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.
आशंका जताई गई थी कि एसजीपीसी के चुनाव में हिंसा हो सकती है लेकिन चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गए.