शुक्रवार, 24 नवंबर, 2006 को 12:36 GMT तक के समाचार
मणिकांत ठाकुर
बीबीसी संवाददाता, पटना
सुशासन के नाम पर साल भर पहले बिहार की सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मानते हैं कि प्रदेश की सड़कों को दुरुस्त करना उनके लिए एक चुनौती है और वो इस काम को पूर करके ही दम लेंगे.
नीतीश सरकार की पहली सालगिरह पर उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं और उपलब्धियों पर बीबीसी से ख़ास बात की.
नीतीश कुमार ने माना कि बिहार में सड़कों की स्थिति देखकर ही लोग सरकार के काम का आकलन करते हैं.
उन्होंने कहा, '' प्रदेश की सड़के दुरुस्त करना एक चुनौती है और इसमें वक़्त लग रहा है.''
देर होने की वजह पूछने पर उन्होंने कहा, '' हमारी ओर से योजनाएँ तैयार थीं लेकिन क्रियान्वयन करने वाली एजेंसियों की कमी थी. साथ ही पंचायत चुनाव और बारिश के मौसम की वजह से भी कुछ देरी हुई है. अब सबकुछ रास्ते पर आ गया है. ''
बिहार के मुख्यमंत्री कहते हैं कि उनकी सरकार बुनियादी ढाँचे पर ख़ास ध्यान दे रही है. साथ ही प्रदेश में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए भी क़दम उठाए जा रहे हैं.
नीतीश कुमार ने कहा, '' जब हमने सरकार संभाली तो योजनाएं क्रियान्वयन करने वाली एजेंसियों की कमी थी लिहाज़ा काफ़ी सारी योजनाएं तैयार होने के बाद भी इन्हें लागू नहीं किया जा सका.''
'योजनाएं तैयार हैं'
नीतीश कुमार ने कहा, '' हम ग़रीबों को सारी सुविधाएं देना चाहते हैं और उनके फ़ायदे के लिए कई योजनाएं तैयार हैं.''
नीतीश कुमरा का कहना था कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मौजूद कमियों को दुरुस्त करने के लिए ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को राशन और किरासन तेल के कूपन दिए जाएँगे ताकि ज़रूरतमंद लोगों को ही इसका फ़ायदा मिल पाए.
मुख्यमंत्री ने कहा, '' इसके लिए गाँवों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करवाए गए हैं, इसके आँकड़े तैयार होने के साथ ही इसे लागू कर दिया जाएगा. रोज़गार गारंटी योजना के तहत भी लोगों को काम दिए जाएंगे.''
नीतीश कहते हैं कि आज भी तय नहीं है कि ग़रीबी रेखा का क्या पैमाना हो. सर्वेक्षण से तैयार आँकड़े के आधार पर ही इंदिरा आवास योजना के तहत मकान आवंटित किए जाएंगे.
बिहार में विकास के काम की धीमी रफ़्तार के सवाल के जवाब में नीतीश ने कहा, ''यहाँ के तंत्र में बैठे लोगों में निर्णय न लेने की आदत-सी पड़ गई थी लेकिन अब स्थिति बदल रही है और इसके परिणाम जल्द ही दिखने लगेंगे. ''
राजनीतिक विरोधी और केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह की ओर से पैसा ख़र्च न करने के आरोप लगाए जाने के जवाब में नीतीश कहते हैं कि वे सिर्फ़ कहने के लिए कहते हैं.
नीतीश उलटे रघुवंश कुमार से कहते हैं कि उन्हें बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत के लिए पैसे की व्यवस्था करवानी चाहिए.