गुरुवार, 23 नवंबर, 2006 को 07:43 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली के रिहाइशी इलाकों में दुकानें चला रहे छोटे व्यापारियों को कुछ समय के लिए राहत दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने छोटे व्यापारियों को सीलिंग से राहत देते हुए उन्हें कुछ समय के लिए अपना कारोबार चलाते रहने की अनुमति दे दी है.
कोर्ट ने कहा है कि जिन छोटे व्यापारियों ने रिहाइशी इलाकों में अपना कारोबार बंद करने संबंधी हलफ़नामा दाखिल किया था वो फिलहाल चल रहे सीलिंग अभियान से राहत पा सकेंगे.
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वाईके सब्बरवाल के नेतृत्व में गठित तीन जजों की खंडपीठ ने यह निर्देश जारी किए हैं.
न्यायाधीशों ने कहा है कि इसके तहत उन निजी और सरकारी स्कूलों को भी राहत दी जा रही है जो कि रिहाइशी इलाकों में स्थित हैं.
न्यायालय के मुताबिक इस वर्ष पाठ्यक्रमों में दाखिला ले चुके छात्र-छात्राओं का यह शैक्षणिक वर्ष पूरा होने तक इन स्कूलों को सील नहीं किया जाएगा.
मुद्दा
ग़ौरतलब है कि रिहाइशी इलाकों में चल रहे व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कारोबार के केंद्रों, दुकानों को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष ग़ैरक़ानूनी करार देते हुए उन्हें बंद करने का आदेश जारी किया था.
इसके बाद से दिल्ली में ऐसे प्रतिष्ठानों की सीलिंग का काम किया जा रहा है.
इसे लेकर राज्यभर में राजनीति भी गर्मा गई है. व्यापारियों की ओर से विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पिछले दिनों 4 लोगों की मौत भी हो गई थी.
विरोध प्रदर्शन में राजनीतिक दलों ने भी बढ़-चढ़ के हिस्सा लिया था. पूरे मामले में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद भी कोई रास्ता निकलता नज़र नहीं आ रहा.
दिल्ली में सीलिंग के विरोध में कई पार्षदों ने अपने पद से इस्तीफ़ा तक दे दिया था.
सीलिंग का विरोध कर रहे व्यापारियों का तर्क है कि अगर इन दुकानों को सील किया जाता है तो इससे कम से कम पाँच लाख लोगों की जीविका प्रभावित होगी.