श्रीलंका ने कहा है कि संघर्ष के चलते फँसे करीब पाँच लाख लोगों तक सामान पहुँचाने के लिए वो जाफ़ना तक जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग को अस्थाई तौर पर खोल रहा है.
सुरक्षा बलों और तमिल विद्रोहियों के बीच भीषण लड़ाई के चलते अगस्त के बाद से ये सड़क बंद कर दी गई थी.
श्रीलंकाई राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा है कि ए9 हाईवे को खोलने का फ़ैसला एक बार के लिए ही लिया गया है. लोगों तक सहायता सामग्री पहुँचने देने के लिए सरकार पर राहत एजेंसियाँ का काफ़ी दबाव था.
पिछले महीने जिनीवा में श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों के बीच हाईवे के मुद्दे को लेकर बातचीत टूट गई थी.
बातचीत विफल
तमिल विद्रोहियों ने कहा था कि जब तक सड़क दोबारा नहीं खोली जाती, वो बातचीत के लिए नई तारीख़ पर सहमत नहीं होंगे.
श्रीलंका सरकार ने विद्रोहियों की इस माँग को ये कहते हुए खारिज कर दिया था कि विद्रोही कर लगाने के लिए ही इलाक़े तक पहुँच बनाना चाहते हैं.
राष्ट्रपति कार्यलाय के एक बयान में कहा गया है कि राहत एजेंसियों की मदद से ज़रूरी सामान वाला एक ट्रक जाफ़ना भेजा जाएगा.
इस साल श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच लगातार संघर्ष चलता रहा है. वैसे दोनों के बीच 2002 में संघर्षविराम हुआ था.
सरकार के मुताबिक पिछले साल के अंत के बाद से हिंसा के चलते तीन हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
संघर्ष के बावजूद भी दोनों पक्ष कहते आए हैं कि वे संघर्षविराम के प्रति वचनबद्ध है.
कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते ही श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोही जिनीवा में वार्ता के लिए तैयार हुए थे. ये वार्ता विफल हो गई थी.
तमिल विद्रोही उत्तर और पूर्वी श्रीलंका में तमिलों के लिए अलग राष्ट्र चाहते हैं.