शनिवार, 18 नवंबर, 2006 को 09:05 GMT तक के समाचार
नेपाल में छपी ख़बरों में कहा गया है कि जल्द ही सरकार में शामिल होने जा रहे माओवादी विद्रोही जबरन अपनी सेना में लोगों को भर्ती कर रहे हैं जिसमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं.
ये भर्ती तब की जा रही है जब कुछ दिन बाद ही माओवादी हथियार डालनेवाले हैं और आम चुनाव होने वाले हैं.
नेपाल के अख़बारों में माला पहने कुछ युवाओं की तस्वारें छपी हैं जो सशस्त्र माओवादी सैनिकों के साथ बस में यात्रा कर रहे हैं.
ख़बरों के अनुसार ये माओवादी सेना में हाल में ही शामिल किए गए जवान हैं जो माओवादियों के ठिकानों पर ले जाए जा रहे हैं जहाँ ये अगले साल होने वाले चुनावों तक रहेंगे.
नेपाल के एक शहर पोखरा में सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि माओवादियों ने होटल और रेस्टोरेंट में काम करने वाले 500 लोगों को भर्ती किया है और इन लोगों को स्थाई नौकरी देने का वादा किया गया है.
लेकिन, दूसरे शहरों से मिली जानकारियों के अनुसार कि इन शहरों में भर्तियाँ जबरन की गई हैं और भर्ती किए गए जवानों में कई 15 से 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी हैं.
नेपाल के प्रधानमंत्री जीपी कोइराला, बाल अधिकार समूह और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इन जबरन भर्तियों की आलोचना की है. लेकिन एक वरिष्ठ माओवादी नेता का कहना है कि ये सारे आरोप गलत है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रतिनिधि इयान मार्टिन ने कहा कि यदि इस प्रकार की कोई जबरन भर्ती की गई है तो वह दुर्भाग्यपूर्ण है.
मार्टिन ने बताया कि माओवादी नेता प्रचंड ने उन्हें आश्वासन दिया था कि माओवादी अब नई भर्ती नहीं करेंगे.
कुछ जानकारों का कहना है कि चूँकि शांतिवार्ता समझौते में ये तय हुआ है कि दोनों पक्षों की सेनाओं का विलय होगा इसलिए माओवादी अपनी निजी सेना में जवानों की संख्या बढ़ा रहे हैं जिससे राष्ट्रीय सेना में विलय होने पर भी उनकी ताकत ज़्यादा बनी रहे.