शुक्रवार, 17 नवंबर, 2006 को 19:08 GMT तक के समाचार
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार से सख़्ती से निपटने के लिए 'व्यापक रणनीति' बनाने की घोषणा करते हुए नियम क़ानूनों में बड़े परिवर्तनों के संकेत दिए हैं.
इसमें सभी विवेकाधीन नियंत्रणों और नियामक प्रणालियों को हटाना और टैक्स प्रणाली में सुधार शामिल है.
उन्होंने कहा है कि जल्दी ही संसद में पब्लिक सर्विसेस बिल (लोक सेवा विधेयक) लाया जाएगा जिसमें लोक सेवाओं के लिए आचार संहिता भी होगी.
सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि अभी भी बहुत से मामलों में बहुत नियंत्रण है जिसे ख़त्म करने और पारदर्शिता लाने की ज़रुरत है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "हमें भ्रष्टाचार की सूचना देने वाले लोगों (व्हिसिल ब्लोवर्स) को सुरक्षा देनी होगी लोकसेवाओं को प्रोफ़ेशनल, राजनीतिक रुप से निरपेक्ष और जवाबदेह बनाना होगा."
उन्होंने कहा कि एक 'ईमानदार ग़लती' और 'जानबूझकर की जाने वाले ग़लत काम' के बीच फ़र्क तो करना ही होगा.
प्रधानमंत्री सिंह ने सूचना के अधिकार क़ानून के प्रभावशाली उपयोग और प्रशासन के विकेंद्रीयकरण पर भी ज़ोर दिया.