शुक्रवार, 17 नवंबर, 2006 को 20:59 GMT तक के समाचार
राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के शहर नोएडा से पिछले दिनों अगवा किया गया तीन साल का बच्चा अनंत को शुक्रवार को सकुशल घर लौट आया.
इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और नोएडा पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने बच्चे को छुड़ा लिया है.
लेकिन कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने यह भी मान लिया कि बच्चे को छुड़ाने के लिए बच्चे के पिता नरेश गुप्ता ने 50 लाख रुपए की फ़िरौती दी थी.
पहले फ़िरौती देने से इनकार कर रहे नरेश गुप्ता ने इस ख़बर के बाद फ़िरौती देने की बात स्वीकार कर ली कि बुलंदशहर के काकोड़ से एक संदिग्ध व्यक्ति के पास से पचास लाख बरामद हुए हैं.
उल्लेखनीय है कि गत 13 नवंबर को मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने स्कूल जाते समय अनंत का अपहरण कर लिया था.
अनंत के पिता नरेश गुप्ता दुनिया की जानी-मानी सॉफ्टवेयर कंपनी एडॉबी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ हैं.
दावे-प्रतिदावे
उत्तर प्रदेश पुलिस के आईजी जगमोहन यादव ने पहले दावा किया था कि बच्चे को एसटीएफ ने नोएडा-बुलंदशहर के सीमावर्ती इलाक़े से छुड़ाया गया.
लेकिन बाद में पता चला कि बच्चा अनंत एक आटोरिक्शा में बैठकर घर पहुँचा था.
इसके बाद एसटीएफ़ और नोएडा पुलिस ने बाक़ायदा एक पत्रकारवार्ता में बताया कि वह उनकी रणनीति का हिस्सा था और पुलिस की गाड़ी आटो के साथ थी.
इसके बाद पुलिस ने एक संदिग्ध अपराधी को पकड़ लेने का भी दावा किया है और कहा है कि तीन और लोग पहचान लिए गए हैं लेकिन अभी वे पकड़े नहीं गए हैं.
इसके बाद नोएडा पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पहले नरेश गुप्ता ने भी फ़िरौती की बात नहीं बताई थी लेकिन जब गिरफ़्तार अपराधी ने जानकारी दी कि फ़िरौती की रकम फ़लाँ जगह है तो नरेश गुप्ता ने स्वीकार कर लिया कि उन्होंने फ़िरौती दी थी.
इस बीच एक टेलीविज़न चैनल ने एक व्यक्ति से साक्षात्कार किया है जिसने अपना चेहरा छिपाकर रखा था और दावा कर रहा था कि उसने दो दिन बच्चे को अपने पास संभालकर रखा था और इसके बदले उसे 11 लाख मिलने थे.
उसका कहना था कि चूँकि उसे कोई रकम नहीं मिली इसलिए वह मीडिया के सामने आ गया है.
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जाँच जारी है और जल्दी ही और लोगों को पकड़ लिया जाएगा.