सोमवार, 13 नवंबर, 2006 को 20:13 GMT तक के समाचार
भारत और पाकिस्तान के बीच मुंबई बम धमाकों के बाद से रुकी पड़ी विदेश सचिव स्तर की बातचीत मंगलवार से एक बार फिर शुरू होने जा रही है.
पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान 13 से 15 नवंबर तक भारत की यात्रा पर हैं और इस दौरान वो भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन के साथ बातचीत करेंगे.
इस दौरान चरमपंथ, कश्मीर और आपसी विश्वास बढ़ाने के क़दमों पर बातचीत होने की संभावना है.
भारत पहुँचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान ने बातचीत सकारात्मक होने की उम्मीद जताई. वो 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं.
इधर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने बातचीत में कहा कि 'सियाचिन मुद्दे पर कुछ ही दिनों में सहमति हो सकती है.'
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत में कुछ लोग समस्या के समाधान के विरोधी हैं लेकिन भारत सरकार उनके रुख़ में बदलाव लाने में सक्षम है.
कसूरी ने कहा कि दोनों देशों को एक दूसरे पर अगंभीर आरोप लगाने से बचना चाहिए.
ग़ौरतलब है कि भारत अपने यहाँ होनेवाली चरमपंथी घटनाओं के लिए हमेशा से पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है जबकि पाकिस्तान कहता आया है कि इसके लिए भारत पर्याप्स सबूत दे.
चरमपंथ का मुद्दा
इधर भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि वो चाहते हैं कि पाकिस्तान चरमपंथ के संबंध में किए गए अपने वादों पर कायम रहे.
उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई को मुंबई में हुए बम धमाकों के बाद भारत ने विदेश सचिव स्तर की वार्ताओं के लिए तारीख़ें नहीं तय की थीं और शांति प्रक्रिया रुक सी गई थी.
भारत ने इन धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने की आशंका जताई थी और मुंबई पुलिस ने कहा था कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि धमाकों के पीछे पाकिस्तान की खु़फिया एजेंसी आईएसआई का हाथ था.
दरअसल क्यूबा में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की मुलाक़ात के दौरान विदेश सचिव वार्ताओं को फिर से शुरु करने का फ़ैसला लिया गया.
इस मुलाक़ात के दौरान चरमपंथ विरोधी साझा प्रणाली बनाने पर भी सहमति हुई थी.
माना जा रहा है कि पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान और भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन की मुलाक़ात में चरमपंथ विरोधी प्रणाली के प्रारूप पर बात होगी.