रविवार, 12 नवंबर, 2006 को 11:53 GMT तक के समाचार
नेपाल में सरकार और माओवादियों के बीच हुए समझौते के बाद विद्रोही सैनिकों और उनके हथियारों को रखने के लिए जगह का चुनाव तेज़ी से शुरू हो गया है.
एक संयुक्त टीम देश के उन सात ज़िलों का दौरा कर रही है जहाँ हथियारों और विद्रोही सैनिकों को रखा जाना प्रस्तावित है.
इस टीम में संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षक, सरकारी अधिकारी और माओवादी कमांडर शामिल हैं.
पिछले दनों सरकार और माओवादी विद्रोहियों के बीच हुए समझौते के अनुसार एक महीने के भीतर विद्रोही अंतरिम सरकार में शामिल हो जाएँगे.
साथ ही विद्रोही सैनिकों के हथियार 21 नवंबर तक संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में रख दिए जाएँगे.
दौरा
यह संयुक्त टीम इलम, सिंधुली, कावरे, पालपा, रोलपा, सुरखेत और कैलाली ज़िले का दौरा करेगी.
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि इयान मार्टिन ने बीबीसी को बताया, ''टीम हेलिकॉप्टर से इन संभावित छावनियों का दौरा करेंगी.''
उन्होंने कहा कि टीम उस ज़गह का चयन करेगी जहाँ छावनियाँ और उप-छावनियाँ बनाई जाएँगी.
माओवादी नेता प्रचंड का कहना है कि माओवादियों के पास 25 से 30 हज़ार की सेना है. इनमें से काफ़ी सैनिक नाबालिग बताए जाते हैं.
मार्टिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का एक दल इन छावनियों और विद्रोहियों के हथियारों की निगरानी करेगा.
हालाँकि 21 नवंबर को पूरी तरह हथियार छोड़ने से पहले माओवादी विद्रोहियों और सरकार के बीच 16 नवंबर को एक व्यापाक शांति समझौता भी होगा.