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शनिवार, 11 नवंबर, 2006 को 15:33 GMT तक के समाचार

अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

पुलवामा हमला: एक युवक की गिरफ़्तारी

भारत प्रशासित कश्मीर के अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को पुलवामा ज़िले में एक मस्जिद के बाहर भीड़ पर हुए ग्रेनेड हमले के सिलसिले में एक व्यक्ति को पकड़ा गया है.

अधिकारियों ने इस हमले के लिए चरमपंथी संगठन हिज़्बुल मुजाहिदीन को ज़िम्मेदार ठहराया है. पुलवामा ज़िले के तहाब में हुए इस ग्रेनेड हमले में पाँच लोग मारे गए थे और 35 अन्य घायल हो गए थे.

भारतीय सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जीएच कटोच ने बीबीसी को बताया कि ग़ुलाम नबी नामक इस युवक को स्थानीय लोगों ने पकड़ा है. इस युवक ने स्वीकार किया है कि उसने ही भीड़ पर ग्रेनेड फेंका था.

गाँव वाले ग़ुलाम नबी को पुलिस के हाथ सौंपना नहीं चाहते थे क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं पुलिस उसे छोड़ दे. ग़ुलाम नबी इस समय सेना की हिरासत में है.

ग़लती

बाद में ग़ुलाम नबी ने बीबीसी को बताया कि हिज़्बुल मुजाहिदीन के एक चरमपंथी ने उन्हें ग्रेनेड दिया था. ग़ुलान नबी ने चरमपंथी का नाम निका मीर बताया है. नबी ने स्वीकार किया कि उससे बड़ी ग़लती हुई है और फिर वो ऐसी ग़लती नहीं करेगा.

सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर कटोच का कहना है कि हिज़्बुल मुजाहिदीन के चरमपंथियों ने एक धार्मिक संगठन सौत-उल-औलिया के अध्यक्ष अब्दुल रशीद दाऊदी को मारने की योजना बनाई थी.

क्योंकि उनका भाषण चरमपंथियों के एजेंडे से अलग होता था. ब्रिगेडियर कटोच ने बताया कि अब्दुल रशीद दाऊदी अपने भाषण में शांति और सौहार्द्र को बढ़ावा देते हैं. इसलिए चरमपंथी उनसे नाराज़ थे.

लेकिन हिज़्बुल ने पुलवामा में धार्मिक रैली पर हुए हमले की सबसे पहले आलोचना की थी. हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के सैयद अली शाह गिलानी का कहना है कि नबी के बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि वह सेना की हिरासत में है और सेना उससे कुछ भी कहलवा सकती है.