शनिवार, 11 नवंबर, 2006 को 21:54 GMT तक के समाचार
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में पिछले एक सप्ताह में पोलियो के 25 मामले सामने आए हैं. इधर रविवार को देशभर में बच्चों को पोलिया दवा पिलाने का अभियान छेड़ा जा रहा है.
इसके वायरस से लगभग 500 बच्चे संक्रमित हैं. यह संख्या पिछले साल की तुलना में 10 गुना ज़्यादा है.
पोलियो के ज़्यादातर मामले उत्तर भारत से सामने आए हैं लेकिन इससे यह चिंता बढ़ गई है कि ये और स्थानों पर फैल सकता है.
ये आंकड़े ऐसे वक्त सामने आए हैं जब भारत में पोलियो के ख़िलाफ़ तीन दिन का अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान लाखों बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षण दवा पिलाई जाएगी.
बढ़ते मामले
देश में हाल ही में पोलियो के एक के बाद एक नए मामले सामने आने से भारतीय अधिकारियों की चिंता बढ़ गई हैं.
उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी एके मिश्रा ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा,'' नए ज़िलों से इसके मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर घर जाकर इसकी ख़ुराक पिलाएँगे.''
दुनिया भर में पोलियो के एक हज़ार 600 मामले सामने आए हैं जो पिछले साल की तुलना में लगभग 100 अधिक हैं.
इनमें नाइजीरिया में बड़ी संख्या में पोलियो के मामले शामिल हैं.
पोलियो का वायरस पांच साल तक के बच्चों पर हमला करता है और उनके तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है. इससे बच्चे को लकवा भी मार सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि विकसित देशों में जहां बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षण की तीन ख़ुराक देना पर्याप्त है, वहीं भारत में 10 बार ये दवा पिलाने से बच्चे को पोलियो के ख़तरे से बचाया जा सकता है.