http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 11 नवंबर, 2006 को 17:05 GMT तक के समाचार

'बातचीत में आतंकवाद अहम मुद्दा होगा'

भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ होने वाली शांति वार्ता के एजेंडे में आतंकवाद का मुद्दा भी होगा.

जुलाई में मुंबई की ट्रेनों में हुए बम धमाकों के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत रुक गई थी. इन धमाकों में 186 लोग मारे गए थे जबकि आठ सौ से अधिक लोग घायल हुए थे.

भारत ने इन धमाकों के पीछे पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई के हाथ होने का आरोप लगाया था जबिक पाकिस्तान ने इस आरोप को ख़ारिज कर दिया था.

मुंबई धमाकों के बाद पहली बार दोनों देशों के विदेश सचिव मंगलवार को नई दिल्ली में बातचीत शुरू कर रहे हैं.

प्रणव मुखर्जी ने कहा, "आतंकवाद एक अहम मुद्दा है क्योंकि पहले की बातचीत मुंबई धमाकों के बाद स्थगित कर दी गई थी".

उनहोंने कहा कि पाकिस्तान को अपने उस वादे को पूरा करना चाहिए जिसमें उसने चरमपंथी गतिविधियों को रोकने की बात कही थी.

सहमति

दोनों देश आतंकवाद के ख़िलाफ़ मिल कर काम करने पर सहमत हुए है. सितंबर में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशरर्फ ने इस संबंध में क्यूबा में बातचीत की थी.

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि भारत के विदेश सचिव शंकर मेनन और पाकिस्तानी विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान इस संबंध में भी बातचीत करेंगे.

हाल ही में अमरीका के दक्षिण एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री रिचर्ड बाउचर ने भारत की यात्रा की थी. उन्होंने भी कहा था कि भारत में विस्फोट करने वाले चरमपंथी संगठन की जड़ें पाकिस्तान में है.

विश्लेषकों का कहना है कि बाउचर के इस बयान से पाकिस्तान पर चरमपंथियों से उसके संबंधों के ख़िलाफ़ दबाव बढ़ेगा.

जानकार बताते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच मंगलवार को होने वाली बैठक से शीघ्र किसी नतीजे की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.