शनिवार, 04 नवंबर, 2006 को 12:49 GMT तक के समाचार
हरियाणा सरकार ने अगले ढाई वर्षों में राज्य के हर घर में पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी घोषणा की है.
इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी इलाक़ों के सभी घरों में पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा. यदि वास्तव में ऐसा होता है तो हरियाणा ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा.
हरियाणा की आबादी लगभग दो करोड़ है जिसमें से 61 लाख लोग शहरों में रहते हैं और बाक़ी गांवों में.
इस आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध तो है लेकिन गांवों के 90 प्रतिशत लोगों को पानी इकट्ठा करने में काफ़ी समय लगता है क्योंकि इन्हें सामुदायिक नलों से यह सुविधा प्राप्त करनी होती है. शहरों में ऐसी आबादी क़रीब चालीस प्रतिशत है.
हरियाणा सरकार अब नई योजना के तहत हर घर में नलों के ज़रिए पानी पहुंचाना चाहती है.
इस बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए हरियाणा के जन स्वास्थ्य और परिवहन मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "असल में हरियाणा में काफ़ी पानी बर्बाद होता है. हम कोशिश कर रहे हैं कि हर घर में नल लगाकर उस बर्बादी को रोका जाए."
परियोजना में अनूसूचित जातियों के लिए ख़ासी छूट दी गई है और उनके लिए पानी का बिल भी मात्र दस रुपए महीना रखा गया है जबकि बाक़ी आबादी के लिए यह राशि बीस रुपया महीना होगी.
सुरजेवाला का कहना था कि सरकार इस पूरी परियोजना का ख़र्च वहन करेगी जिसमें बिजली, पाइप लगाना और टंकियां देना भी शामिल है. इसके बाद बिल के ज़रिए जो पैसा आएगा वो भी सरकार नहीं लेगी बल्कि ग्राम पंचायतों को दिया जाएगा.
असल में हरियाणा में क़रीब छह हज़ार सात सौ उनचास गांव हैं जिनमें से पाँच हज़ार गांवों में पानी की सुविधा उपलब्ध है यानी सरकार को अधिक काम नहीं करना ही नहीं है.
बस सामुदायिक नलों के कनेक्शनों को घरों तक जोड़ना है ताकि पानी की बर्बादी कम हो.