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शुक्रवार, 03 नवंबर, 2006 को 12:52 GMT तक के समाचार

बाजौड़ कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन

पाकिस्तान में अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे बाजौड़ क्षेत्र के एक मदरसे पर हुई सैनिक कार्रवाई के विरोध में हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया है.

इस कार्रवाई में 80 लोग मारे गए थे. शुक्रवार को बाजौड़ के इस मदरसे के निकट हज़ारों लोग इकट्ठा हुए. पेशावर में भी विरोध प्रदर्शन के लिए हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मारे गए सभी लोग निर्दोष थे. जबकि सरकार इन्हें चरमपंथी कहती है. लोगों ने प्रतिज्ञा की कि वे इस कार्रवाई का बदला लेंगे.

इस इलाक़े में आम हड़ताल का भी आह्वान किया गया था. इलाक़े की सभी दूकानें बंद हैं और परिवहन व्यवस्था ठप्प है.

पेशावर से बीबीसी संवाददाता हारून रशीद का कहना है कि इस कार्रवाई के विरोध में बाजौड़ क्षेत्र में पाँच जगह विरोध प्रदर्शन हुए. हज़ारों लोगों ने हथियार लेकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

आह्वान

एक रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों समेत कई मकानों पर पत्थर फेंके. लेकिन अभी तक हिंसा की कोई ख़बर नहीं है.

इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान धार्मिक पार्टियों के गठबंधन मुत्तहिदा मजलिस ए अमल (एमएमए) ने किया था.

पेशावर में विपक्षी नेता और जमात-ए-उलेमा के नेता मौलाना फ़ज़लुर रहमान ने शुक्रवार की नमाज़ के बाद रैली का नेतृत्व किया. रैली में अमरीका के झंडे जलाए गए.

इस क्षेत्र में सैनिक कार्रवाई के बाद एक व्यक्ति की सर काटकर हत्या कर दी गई है. कहा जा रहा है कि मारा गया व्यक्ति अमरीकी जासूस था.

पाकिस्तान की सेना का कहना है कि सोमवार को बाजौड़ में हुई कार्रवाई में संदिग्ध चरमपंथी मारे गए हैं. लेकिन क़बायली नेताओं ने इस हमले के लिए अमरीका को ज़िम्मेदार ठहराया है.

पाकिस्तान और अमरीका ने इसका खंडन किया है. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह मदरसा अल क़ायदा के ट्रेनिंग कैंप के रूप में काम कर रहा था.