गुरुवार, 02 नवंबर, 2006 को 14:06 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी दिल्ली के रिहाइशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सीलिंग को रोकने से मना कर दिया है.
इसके बाद केंद्र सरकार ने मंत्रियों की समूह की बैठक के बाद कहा कि सोमवार से पहले सीलिंग का काम शुरू नहीं किया जा सकता.
दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने निर्देश दिया है कि शुक्रवार से सीलिंग का काम शुरू हो.
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिल्ली की तनावपूर्ण स्थिति से अवगत कराया था और कहा था कि वह ऐसी स्थिति में सीलिंग करने की इच्छुक नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले से तय है कि सोमवार को सीलिंग रोकने संबंधी आवेदन पर सुनवाई होगी लेकिन सीलिंग को रोकने का निर्देश नहीं दिया जाएगा.
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी ने बुधवार को कहा था कि दिल्ली में स्थिति तनावपूर्ण है और ऐसे में सीलिंग करना ठीक नहीं होगा लेकिन सीलिंग अभियान चले या रोक दिया जाए इसका फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट को ही करना चाहिए.
प्रशासनिक विवेक
न्यायमूर्ति केजी बालकृष्ण की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार की बात मानने से इनकार कर दिया, दिल्ली नगर निगम के वकील के तौर काँग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी अदालत में पेश हुए थे.
राजधानी के लगभग 44 हज़ार दुकानदारों ने दिल्ली नगर निगम को लिखित आश्वासन दिया है कि वे रिहाइशी इलाक़ों में दुकानें नहीं चलाएँगे.
केंद्र सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए अतिरिक्त सालिसिटर जनरल अमरेंद्र शरण ने अदालत से अपील की थी कि जब तक मामले की सुनवाई न हो जाए "तब तक अधिकारी अपने प्रशासनिक विवेक का प्रयोग कर सकें."
दिल्ली के रिहाइशी इलाक़ों में चलने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बंद करने के अभियान का दुकानदार ज़ोरदार विरोध कर रहे हैं.
सोमवार से बुधवार तक तीन दिन के लिए दिल्ली के दुकानदारों ने हड़ताल की और कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की घटनाएँ भी हुईं.