सोमवार, 30 अक्तूबर, 2006 को 05:29 GMT तक के समाचार
दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा प्रियदर्शिनी मट्टू के बलात्कार और हत्या के मामले में सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय अपना फ़ैसला सुना सकता है.
इससे पहले 17 अक्टूबर को इस मामले में सुनाया जाना था जिसे बाद में 30 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया था.
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में मुख्य अभियुक्त संतोष सिंह को हत्या और बलात्कार दोनों आरोपों में दोषी पाया था.
इससे पहले केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय से माँग की थी कि मुख्य अभियुक्त को मृत्युदंड दिया जाए.
प्रियदर्शिनी मट्टू की वर्ष 1996 में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. उस समय प्रियदर्शिनी की उम्र 23 वर्ष थी.
हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त संतोष कुमार सिंह को 1999 में सबूतों के अभाव में निचली अदालत ने बरी कर दिया था.
संतोष कुमार सिंह एक वकील हैं और भारतीय पुलिस सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी के पुत्र हैं.
छह साल बाद मामले में अपील की सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय में शुरु हुई और सप्ताह में तीन दिन सुनवाई के आदेश दिए गए.
ग़ौरतलब है कि इस बारे में मीडिया और प्रियदर्शिनी मट्टू के लिए न्याय की माँग करने वाले अनेक लोगों ने एक अभियान चलाया और दबाव भी बनाया था.