सोमवार, 30 अक्तूबर, 2006 को 09:40 GMT तक के समाचार
पाकिस्तानी सेना ने अफ़ग़ानिस्तान सीमा से लगे बाजौड़ क्षेत्र में एक मदरसे पर हमला किया है. इस हमले में कई लोगों की मौत हो गई है.
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि बाजौड़ के क़बायली क्षेत्र में स्थित इस मदरसे में अल क़ायदा के चरमपंथियों को प्रशिक्षण दिया जाता था.
हमले के वक्त इस परिसर में 70-80 लोग मौजूद थे. इस इलाके में पाकिस्तान ने क़रीब 80,000 सैनिकों को तैनात किया है.
इस हमले में सेना की ओर से हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया था जिसकी मदद से मदरसे पर हवाई हमले किए गए.
सेना के एक प्रवक्ता जनरल शौकत सुल्तान ने कहा है कि इस हमले में वहाँ मौजूद अधिकतर संदिग्ध चरमपंथियों की मौत हो गई है.
उन्होंने कहा कि इस मदरसे के प्रमुख मौलवी लियाक़त उल्लाह हुसैन की भी इस हमले में मौत हो गई है. सेना प्रवक्ता के मुताबिक़ वो एक कट्टरपंथी थे.
'हमला ग़लत'
स्थानीय लोगों का कहना है कि मारे गए लोग चरमपंथी नहीं बल्कि मदरसे के छात्र थे.
सेना प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस बारे में ख़ुफिया जानकारी मिली थी कि मदरसे में 70-80 चरमपंथी छिपे हुए थे और इस मदरसे को चरमपंथियों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इस आधार पर हमने वहाँ हमला किया.
हालांकि एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया कि हमले के समय इस मदरसे में क़रीब 80 स्थानीय छात्र मौजूद थे जो ईद की छुट्टियों के बाद दोबारा पढ़ाई के लिए लौटे थे.
पाकिस्तान के एक कैबिनेट मंत्री सिराज उल ह़क ने इस घटना पर प्रतिक्रिया स्वरूप मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया है. सिराज उल ह़क इसी प्रांत से ताल्लुक़ रखते हैं.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सरकार इस क्षेत्र में रह रहे तालेबान समर्थक चरमपंथियों के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली थी.
जानकारी के मुताबिक़ दो दिन पहले ही इस क्षेत्र में चरमपंथियों ने हज़ारों की तादाद में इकट्ठा होकर एक रैली की थी.