सोमवार, 30 अक्तूबर, 2006 को 19:31 GMT तक के समाचार
पाकिस्तानी सेना के एक मदरसे पर किए गए हमले में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. इस दौरान लोगों ने प्रदर्शन किया और उनमें भारी नाराज़गी देखी गई.
ग़ौरतलब है कि इस हमले में 80 लोग मारे गए थे. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि बाजौड़ के क़बायली क्षेत्र में स्थित इस मदरसे में अल क़ायदा के चरमपंथियों को प्रशिक्षण दिया जाता था.
स्थानीय लोगों का कहना है कि मारे गए लोग चरमपंथी नहीं बल्कि मदरसे के छात्र थे.
एक स्थानीय नेता फक़ीर मोहम्मद ने लगभग 10 हज़ार लोगों की भीड़ को संबोधित किया.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार उन्होंने कहा,'' सरकार ने निर्दोष लोगों को अमरीका के आदेश पर मारा है.''
इसके विरोध में हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया और वे अमरीका विरोधी नारे लगा रहे थे.
पाकिस्तान के एक कैबिनेट मंत्री सिराज उल हक़ ने इस घटना को लेकर मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया है.
उनका कहना था,'' बिना किसी भड़कावे के मदरसे पर हमला किया गया. इसमें मारे गए लोग निर्दोष थे.''
हमले पर सवाल
इस हमले में पाकिस्तानी सेना ने हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया.
सेना के एक प्रवक्ता जनरल शौकत सुल्तान ने कहा है कि इस हमले में वहाँ मौजूद अधिकतर संदिग्ध चरमपंथियों की मौत हो गई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि मारे गए लोग चरमपंथी नहीं बल्कि मदरसे के छात्र थे.
सेना प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस बारे में ख़ुफिया जानकारी मिली थी कि मदरसे में 70-80 चरमपंथी छिपे हुए थे और इस मदरसे को चरमपंथियों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता था.
हालांकि एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया कि हमले के समय इस मदरसे में क़रीब 80 स्थानीय छात्र मौजूद थे जो ईद की छुट्टियों के बाद दोबारा पढ़ाई के लिए लौटे थे.