रविवार, 29 अक्तूबर, 2006 को 14:43 GMT तक के समाचार
नेपाल में माओवादी विद्रोहियों ने सरकार के साथ जारी वार्ता के मद्देनज़र संघर्ष विराम को और तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है.
इस साल अप्रैल में बहुदलीय सरकार के सत्ता संभालने के बाद माओवादियों ने छह महीने के लिए संघर्ष विराम की घोषणा की थी लेकिन इसकी अवधि रविवार को ही ख़त्म हो गई.
वरिष्ठ माओवादी नेता प्रचंड ने रविवार को एक बयान में कहा कि संघर्ष विराम को बढ़ाने का फ़ैसला सरकार के साथ जारी शांति वार्ता के लिए सौहार्द्रपूर्ण माहौल तैयार करने के उद्देश्य से किया गया है.
नेपाल में दस साल से चल रहे विद्रोह को ख़त्म करने के लिए प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला और माओवादी विद्रोही नेता प्रचंड के बीच कई बार बातचीत हो चुकी है.
प्रगति
बताया जा रहा है कि वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और इसी के मद्देनज़र माओवादी संघर्ष विराम को तीन महीने के लिए बढ़ाने के लिए तैयार हुए हैं.
सरकार और माओवादी विद्रोहियों के बीच अगले साल जून में संविधान सभा के लिए चुनाव कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सहमति बन चुकी है.
संविधान सभा के ज़िम्मे देश के लिए नए संविधान का मसौदा तैयार करने का काम होगा.
हालांकि कुछ मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच अभी भी मतभेद हैं. माओवादी चाहते हैं कि राजशाही को ख़त्म ही कर दिया जाए और इसके लिए अगले साल नेपाल में जनमतसंग्रह करवाया जाए.
दूसरी ओर बहुदलीय सरकार के मुख्य घटक दल नेपाली कांग्रेस का कहना है कि राजा को एक अलंकारिक पद पर रहने दिया जाना चाहिए. मतभेद का दूसरा मुद्दा माओवादी विद्रोहियों के हथियार हैं.