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गुरुवार, 26 अक्तूबर, 2006 को 12:17 GMT तक के समाचार

नैटो के हमलों में 'कई नागरिक' मारे गए

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में अधिकारियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में कई आम नागरिक मारे गए हैं.

नैटो का कहना है कि कंधार के पंजवई ज़िले की इस कथित घटना की जाँच में वो रक्षा अधिकारियों की मदद कर रही है.

गठबंधन सेना के पास कुछ नागरिकों के हताहत होने की ख़बर है पर 60 नागरिकों के मारे जाने की ख़बर की पुष्टि नहीं हो पाई है. सेना ने कहा है कि करीब 48 तालेबान लड़ाके मारे गए हैं.

पंजवई ज़िले से मिली ख़बरों के मुताबिक नैटो के छापे मंगलवार को शुरू हुए और रात को भी चले.

रिपोर्टों के मुताबिक कई नागरिक मारे गए और कई घर नष्ट हो गए.

'माफ़ी से क्या होता है?'

गाँववालों ने बीबीसी पश्तो सेवा को बताया कि छापे के बाद से मलबे से कई स्थानीय लोगों के शव निकाले गए हैं.

पंजवई ज़िले के मुखिया नियाज़ मोहम्मद सहहदी ने एएफ़पी को बताया कि उनके पास रिपोर्ट है कि करीब 60 नागरिक मारे गए हैं.

कंधार प्रांतीय काउंसिल के सदस्य बिस्मिल्ला अफ़ग़ानमल ने संख्या 80 बताई.

उन्होंने एफ़फी को बताया, "ऐसा कई बार हो चुका है और वे बस माफ़ी माँग लेते हैं. जिन लोगों ने अपने बच्चे-बच्चियों को खो दिया उसकी भरपाई कैसे हो सकती है."

उनका कहना था, "सरकार और गठबंधन सेना ने कहा था कि इस इलाक़े में अब तालेबान नहीं है.अगर तालेबान नहीं है तो बमबारी क्यों कर रहे हैं."

नैटो की अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल के प्रवक्ता ने इतनी बड़ी संख्या में नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि नहीं की है.

पर उन्होंने काबुल में रिपोर्टरों को बताया, "ये दुख की बात है कि संघर्ष के दौरान नागरिक भी मारे जाते हैं."

प्रवक्ता ने ये भी बताया कि तालेबान लड़ाके अक्सर स्थानीय लोगों को 'मानव ढाल' की तरह इस्तेमाल करते हैं और सेना कोशिश करती है कि कम से कम नागरिक हताहत हों.

अफ़ग़ान अधिकारी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे.

देश के दक्षिण और पूर्व में नागरिकों के मारे जाने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी के चलते राष्ट्रपति करज़ई पर काफ़ी दबाव है.

पिछले हफ़्ते कंधार और हेलमंद प्रांत में करीब 21 तक आम नागरिक मारे गए थे.