बुधवार, 25 अक्तूबर, 2006 को 16:58 GMT तक के समाचार
राजेश मिश्रा
मऊ से
उत्तर प्रदेश के मऊ ज़िले में मूर्ति चोरों का ख़ौफ इस कदर है कि यहाँ के एक मंदिर के पुजारी ने चोरी के डर से मूर्ति ही थाने में जमा करा दी.
अब श्रद्धालु अष्टधातु की मूर्ति की जगह अन्य पत्थरों से बनी भगवान की मूर्ति की पूजा कर रहे हैं.
ज़िले में मूर्ति चोरी की बड़ी घटना दो साल पहले मुहम्मदाबाद गोहाना थाने के कोठिया गाँव में हुई थी, जब चोरों ने एक ही मंदिर की 10 मूर्तियों पर हाथ साफ़ कर दिया था.
फ़िर तो रुक-रुक कर मूर्ति चोरी की घटनाएँ लगातार सुनने में आने लगीं और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ज़िले के विभिन्न मंदिरों से अभी तक ढाई दर्जन मूर्तियाँ चोरी हो चुकी हैं.
थाना चिरैयाकोट गाँव के राम-जानकी मंदिर के पुजारी को दो साल पहले मूर्ति को चोरों से बचाने का नायाब उपाय सूझा और उन्होंने इसे थाने में जमा करा दिया.
अब यह मूर्ति थाने के मालखाने की शोभा बढ़ा रही है.
तस्करों का जाल
इस क्षेत्र में मूर्ति तस्करों का मजबूत जाल है और तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस महज़ दो मूर्तियाँ ही बरामद कर सकी है.
पुलिस अधीक्षक आशुतोष कुमार का कहना है कि मूर्ति चोरी को उनका विभाग गंभीरता से ले रहा है और इस गिरोह को पकड़ने का ज़िम्मा विशेष आपरेशन ग्रुप यानी एसओजी को सौंपा गया है.
पुलिस भी मानती है कि इस क्षेत्र में मूर्ति चोरों का अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है.
यह गिरोह पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों को चुराकर इनका सौदा विदेशी तस्करों से कर मोटी रकम हासिल करते हैं.
इसी साल सितंबर में पटना संग्रहालय से चोरी हुई पुरातात्विक महत्व की दुर्लभ और बहुमूल्य बुद्ध मूर्तियों में से एक मूर्ति पुलिस ने वाराणसी शहर से बरामद की थी.
काँसे और अष्टधातु की बनी इस साढ़े 17 सेंटीमीटर लंबी मूर्ति की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत पाँच करोड़ रुपए आँकी गई थी.