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सोमवार, 23 अक्तूबर, 2006 को 07:44 GMT तक के समाचार

'ब्रिटेन ने मदद का वादा पूरा नहीं किया'

अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत के गवर्नर ने विकास की योजनाओं में कमी के लिए ब्रिटिश सरकार की आलोचना की है. यहीं ज़्यादातर ब्रितानी फौजें तैनात हैं.

गवर्नर मोहम्मद दौद का कहना है कि ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास विभाग (डीएफआईडी) ने अपना वादा तोड़ा है जिसमें उन्होंने विकास के लिए लाखों डॉलर की सहायता उपलब्ध कराने की बात कही थी.

ब्रिटेन ने घोषणा की थी कि वह पहले अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा प्रदान करेगा और उसके बाद अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए सहायता योजनाओं की शुरुआत करेगा.

हेलमंद के गवर्नर ने कहा कि डीएफआईडी को लोगों का भरोसा जीतने के लिए विकास के और कार्य करने चाहिए.

दूसरी ओर ब्रितानी सरकार के दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान स्थित प्रतिनिधि का कहना था कि काम चल रहा है लेकिन ज़्यादातर लंबी अवधि की योजनाएँ हैं जो कम नज़र आती हैं.

संघर्ष

दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पश्चिम अफ़ग़ानिस्तान में दो कमांडरों के वफादार गुटों के बीच संघर्ष में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं.

हेरात प्रांत में यह संघर्ष तब शुरु हुआ जब कुछ लड़ाके विरोधी खेमे के नियंत्रणवाले इलाक़े में प्रवेश कर गए.

अमानुल्ला ख़ान और अरबाब बशीर के ये दोनों गुट पख्तून हैं और इस समुदाय के लोगों की अफ़ग़ानिस्तान में सबसे अधिक संख्या है.

रविवार को हुए संघर्ष को देखते हुए अफ़ग़ानिस्तान सेना को इस इलाक़े में तैनात कर दिया गया है. हालांकि अभी इस संघर्ष की वजह का पता नहीं चला है.

तालेबान को सत्ता से हटे छह साल हो गए हैं लेकिन अफ़ग़ानिस्तान में अब भी सशस्त्र गुटों का बोलबाला है. ये गुट केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों में अहम भूमिका निभाते हैं.