रविवार, 22 अक्तूबर, 2006 को 09:36 GMT तक के समाचार
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने कहा है कि पाकिस्तान से अपेक्षित सहयोग मिलने पर ही उसके साथ खुफ़िया सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भारत कभी भी आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ नरम रूख़ नहीं अपनाएगा.
नारायणन ने स्पष्ट किया कि अग़र पाकिस्तान आतंकवादी घटनाओं से जुड़े मामलों पर सहयोग करने से इनकार करता रहा तो भारत आतंकवाद के ख़िलाफ़ प्रस्तावित साझा प्रणाली को ख़त्म करने की एकतरफ़ा घोषणा कर सकता है.
ग़ौरतलब है कि क्यूबा में गुटनिरपेक्ष देशों के सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच आतंकवाद विरोधी ढाँचा बनाने पर सहमति बनी थी.
सबूत देंगे
नारायणन ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को भी प्रस्तावित साझा ढाँचे के दायरे में रखा जाएगा.
उन्होंने दोहराया कि मुंबई रेल धमाकों में आईएसआई का हाथ होने के सबूत हैं.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले महीने दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान को सबूत सौंपे जा सकते हैं.
उनका कहना है कि प्रस्तावित साझा प्रणाली अभी चल रहे मामलों को देखेगी और ख़ुफ़िया सूचनाओं का आदान प्रदान फिलहाल नहीं होगा.
वो कहते हैं, "खुफ़िया सूचनाओं का आदान प्रदान तो हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है. लेकिन ये काफी बाद के चरण में संभव होगा."