शनिवार, 21 अक्तूबर, 2006 को 04:39 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के आर्थिक रुप से संपन्न वर्ग को आरक्षण सुविधा से बाहर रखने के अदालत के फ़ैसले पर विचार करेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिए गए अपने फ़ैसले में अनुसूचित जाति और जनजाति के आर्थिक रुप से संपन्न (क्रीमी लेयर) तबके को इस सुविधा से अलग रखने का निर्देश दिया है.
हालाँकि अदालत ने आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों को सही कहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि अदालत के फ़ैसले से उपजी स्थिति का सरकार अध्ययन करेगी.
उनका कहना था, "हमें फ़ैसले के बाद की स्थिति पर विचार करना होगा और यह देखना होगा कि क्या विकल्प हैं."
समाधान
प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा, "हम परस्पर विरोधाभासी और पेचीदा मामलों को निपटाने का उपयुक्त रास्ता खोज निकालेंगे."
इस बीच निजी क्षेत्र के उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों को 27 फ़ीसदी आरक्षण दिए जाने के मामले पर मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा है कि लगभग सभी राज्यों ने इस पर सहमति जताई है.
राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, "कुछ राज्यों ने खुद ही इस दिशा में क़ानून बनाए हैं. जहाँ ये क़ानून नहीं हैं, वहाँ की सरकारों ने कहा है कि वे केंद्रीय क़ानून लागू करेंगे."