शनिवार, 21 अक्तूबर, 2006 को 11:29 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान ने नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग के एक कर्मचारी को ग़ैर क़ानूनी रूप से हिरासत में लेने और उनके साथ दुर्व्यवहार को लेकर विरोध दर्ज किया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तानी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार अंतरराष्ट्रीय समझौते और राजनायिक कायदों का उल्लंघन है.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता एजाज़ मेहर का कहना है कि कुछ साल पहले तक ऐसी घटनाएँ आम थीं लेकिन वर्ष 2004 में दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया शुरू होने के बाद ऐसा कम ही होता है.
इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने इस घटना को लेकर विरोध दर्ज किया है.
मोहम्मद फ़ारूक़ नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में ड्राइवर के रूप में काम करते हैं. पाकिस्तान का कहना है कि फ़ारूक़ के साथ दुर्व्यवहार हुआ है.
विरोध
हालाँकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कब और कैसे मोहम्मद फ़ारूक़ के साथ दुर्व्यवहार हुआ. लेकिन उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है.
तसनीम असलम ने बताया कि दिल्ली स्थित भारतीय विदेश मंत्रालय में भी ऐसा ही विरोध दर्ज कराया गया है.
भारतीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सेना के लिए काम करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है जो इस पाकिस्तानी ड्राइवर को गोपनीय दस्तावेज़ दे रहा था.
दोनों देशों के बीच पहले भी इस तरह की घटनाएँ होती रही हैं और कई बार दोनों देशों ने एक-दूसरे के यहाँ काम करने वाले राजनयिकों को निलंबित भी किया है.
लेकिन जनवरी 2004 में दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया शुरू होने के बाद ऐसी घटनाएँ काफ़ी कम हो गई हैं.
इस साल जुलाई में हुए मुंबई बम धमाके के बाद दोनों देशों के बीच जारी शांति प्रक्रिया को झटका लगा था. लेकिन अब दोनों देशों के विदेश सचिव 14 नवंबर को एक बार फिर बातचीत शुरू कर रहे हैं.
इसी साल अगस्त में एक भारतीय राजनयिक दीपक कौल को पाकिस्तान ने निलंबित कर दिया था. जिसके बाद भारत ने भी पाकिस्तानी राजनायिक सैयद मोहम्मद रफ़ीक़ को अपने यहाँ से निकाल दिया था.