बुधवार, 18 अक्तूबर, 2006 को 16:16 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किसानों की आत्महत्या को बड़े कर्ज़ से जोड़ते हुए स्वीकार किया कि देश के कई हिस्से कृषि संकट से जूझ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि साहूकारों के लिए कानून बनाने पर चर्चा की जानी चाहिए.
कृषि मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य उद्योग महासंघ यानी फिक्की के दूसरे कृषि शिखर सम्मेलन का उदघाटन करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को कम ब्याज दर और विश्वसनीय ऋण व्यवस्था चाहिए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों के हित के लिए बहुत ज़रूरी है कि हम निकट भविष्य में इन सवालों के जवाब ढूंढें.
बढ़ती महँगाई का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार सभी ज़रूरी उपाय करेगी और मुद्रास्फीति की दर को बढ़ने नहीं देगी लेकिन हम किसान समुदाय के हितों की बलि नहीं दे सकते".
उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त और किफ़ायती बुनियादी सुविधाओं के लिए कार्यक्रम और परियोजनाओं पर भी पैसा खर्च कर रही है.
सरकार कृषि विपणन व्यवस्था को सुधारने में भी लगी है ताकि किसानों की आय बढ़ सके.