मंगलवार, 17 अक्तूबर, 2006 को 19:53 GMT तक के समाचार
सुशील कुमार झा
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के बीच मुंबई बम धमाकों के बाद से रुकी पड़ी शांति प्रक्रिया एक बार फिर नवंबर से शुरु होने जा रही है.
दोनों देशों के विदेश सचिवों की नवंबर में मुलाक़ात होने वाली है जिस दौरान विभिन्न मुद्दों पर बातचीत होगी.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान 13 से 15 नवंबर तक भारत की यात्रा पर रहेंगे.
इस दौरान वो भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन के साथ बातचीत करेंगे.
उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई को मुंबई में हुए बम धमाकों के बाद भारत ने विदेश सचिव स्तर की वार्ताओं के लिए तारीख़ें नहीं तय की थीं और कुछ वर्षों से पटरी पर आती दिख रही शांति प्रक्रिया रुक सी गई थी.
भारत ने इन धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने की आशंका जताई थी और पिछले महीने मुंबई पुलिस ने भी कहा था कि उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि धमाकों के पीछे पाकिस्तान की खु़फि़या एजेंसी आईएसआई का हाथ था.
क्यूबा में सहमति
दरअसल क्यूबा में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की मुलाक़ात के दौरान विदेश सचिव वार्ताओं को फिर से शुरु करने का फ़ैसला लिया गया था.
इस मुलाक़ात के दौरान आतंकवाद विरोधी साझा प्रणाली बनाने पर भी सहमति हुई थी.
माना जा रहा है कि नवंबर में जब पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान और भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन की मुलाक़ात होगी तो इसमें आतंकवाद विरोधी प्रणाली के प्रारूप पर बात होगी.
भारत अपने यहाँ होनेवाली चरमपंथी घटनाओं के लिए हमेशा से पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है जबकि पाकिस्तान कहता आया है कि इसके लिए भारत पर्याप्स सबूत दे.
दोनों सचिवों की मुलाक़ात के दौरान कई अन्य मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है.