शनिवार, 14 अक्तूबर, 2006 को 15:38 GMT तक के समाचार
समाजवादी पार्टी यानी सपा ने समान विचारधारा वाले दलों से साथ आने और तीसरा मोर्चा बनाने का आहवान किया है.
ग़ौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2007 में विधानसभा चुनाव होने हैं जहाँ सपा की सरकार है. ऐसे में पार्टी की इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राजग के संयोजक और जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के नेता जॉर्ज फर्नांडीज की मुलायम सिंह से हुई मुलाक़ात को राजनीतिक गलियारों में तीसरे मोर्चे के गठन की संभावना से ही जोड़ कर देखा जा रहा है.
उत्तरांचल के हरिद्वार में शनिवार को शुरू हुई समाजवादी पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के पहले दिन आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए.
राजनीतिक प्रस्ताव में सपा ने समाजवादी विचारधारा वाले दलों को साझा मंच पर आने और देश की जनता को तीसरा राजनैतिक विकल्प देने का आहवान किया गया है.
पार्टी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को अपने साथ आने का न्यौता दिया है.
साथ ही राजनीतिक प्रस्ताव में पार्टी में अनुशासनहीनता पर अंकुश लगाने की बात की गई है.
कॉंग्रेस निशाने पर
पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में समाजवादी पार्टी ने काँग्रेस की जमकर आलोचना की.
सपा ने अपने प्रस्ताव में कहा है, "उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की जनाधार सीमित करने में उसकी मुख्य भूमिका रही है और इसी कारण केंद्र में यूपीए की सरकार बन पाई."
दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में फिर से सत्ता हासिल करने और उत्तरांचल में काँग्रेस को सत्ता से बेदख़ल करने की रणनीति पर चर्चा करेगी.