सोमवार, 09 अक्तूबर, 2006 को 13:23 GMT तक के समाचार
तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी के 12 घंटे के पश्चिम बंगाल बंद से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा.
टाटा के कार फैक्ट्री बनाने के लिए किसानों की कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण करने के विरोध में बंद का आह्वान किया गया था.
भारी सुरक्षा के बीच सोमवार सुबह छह बजे 12 घंटे का बंद शुरु हुआ. इस दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर सड़कें जाम कर दीं.
राज्य के पुलिस महानिदेशक राज कनौजिया ने बताया कि अव्यवस्था फै़लाने के आरोप में क़रीब सात हज़ार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
सभी स्कूल और कॉलेज बंद थे और रॉयटर्स बिल्डिंग सहित सारे सरकारी कार्यालयों में काफ़ी कम उपस्थिति दर्ज की गई.
प्राइवेट बसें और टैक्सियां भी आज सड़कों पर नहीं दिखाईं दीं. रेलों को भी हड़तालियों ने कई जगह रोका जिससे रेलसेवाएँ बाधित रहीं.
पुलिस का कहना है कि हड़ताल करनेवालों ने एक रेल चालक और कुछ बस चालकों का अपहरण करने की कोशिश भी की.
राज्य की आद्यौगिक इकाइयाँ यथावत काम करती रहीं हालांकि उनमें लोगों की उपस्थिति कम रही.
पुलिस का कहना है कि राज्य के कुछ हिस्सों में हड़ताल करनेवालों और सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें भी हुईं लेकिन कोई बड़ी हिंसक घटना नहीं हुई.
कोलकाता से लगभग 50 किलोमीटर दूर सिंगुर में टाटा समूह छोटी कार बनाने की एक फैक्ट्री लगा रहा है. इसके लिए अधिग्रहित की जा रही ज़मीन के विरोध में ये हड़ताल आयोजित की गई थी.