सोमवार, 09 अक्तूबर, 2006 को 10:44 GMT तक के समाचार
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम का दो वर्ष की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वो 72 वर्ष के थे.
दिल्ली में बसपा सुप्रीमो मायावती के निवास पर कई नेता कांशीराम को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुँचे.
मायावती ने इस अवसर पर इतना ही कहा कि वे "मान्यवर के संकल्पों को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास" करेंगी.
यूरोप की यात्रा पर निकलने से ठीक पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कांशीराम को श्रद्धांजलि देने पहुँचे. उन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित किए और फ़ौरन रवाना हो गए.
भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी दिल्ली के हूमाँयू रोड पर मायावती के निवास पर पहुँचे जहाँ कांशीराम का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है.
आडवाणी ने कहा, "उनके निधन से आज के दौर की भारतीय राजनीति का एक दिग्गज उठ गया है. मैं एक योग्य राजनीतिक विचारक और संगठक के रूप में हमेशा उनका आदर करता रहा हूँ. मेरा मानना है कि बाबासाहब अंबेडकर को भारतीय राजनीति में फिर से स्थापित करने का श्रेय कांशीराम जी और उनके दलित आंदोलन को दिया जाना चाहिए."
रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे. उन्होंने इस मौक़े पर कहा, "कांशीराम आधुनिक भारत के महान नेता थे. दलितों को इज्जत दिलाने के लिए उनकी कोशिशों को भुलाया नहीं जा सकता. कांशीराम जी के निधन से राष्ट्र को अपूरणीय क्षति हुई है."
लोकजनशक्ति पार्टी नेता राम विलास पासवान ने कहा, "कांशीराम जी ने जो काम शुरु किया उसे आगे ले जाने की कसम हम आज के दिन लें यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी."
पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने कांशीराम को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, "गरीबों और दलितों का एक बड़ा तपस्वी हम लोगों के बीच से उठ गया. गरीबों और दलितों की लड़ाई उन्होंने हमेशा सिद्धांतों के साथ लड़ी. ये समय था कि जब कांशीराम गरीबों की लड़ाई को और आगे बढ़ाते लेकिन वो हमारे बीच नहीं रहे. उनके त्याग के सामने मैं नतमस्तक हूं और अपनी श्रद्धाजंलि देता हूँ."