रविवार, 08 अक्तूबर, 2006 को 19:21 GMT तक के समाचार
संसद में विपक्ष की भूमिका निभा रही भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रपति से संसद पर हमले के मामले में अफ़ज़ल को फाँसी की सजा बरकरार रखने की माँग की है.
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है, "इस दलील का कोई मतलब नहीं है कि अभियुक्त (अफ़ज़ल) ने खुद गोली नहीं चलाई और उसे इस आधार पर माफ़ी मिलनी चाहिए. इंदिरा गाँधी की हत्या के मामले में केहर सिंह ने गोली नहीं चलाई थी लेकिन साजिश का सूत्रधार होने के कारण उसे फाँसी मिली."
भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रपति से मुलाक़ात के बाद कहा कि अफ़ज़ल को क्षमादान का कोई आधार नहीं है.
उन्होंने कहा, "अभियुक्त ने अपने कृत्य पर कोई पाश्चाताप भी नहीं दिखाया है. क्षमादान की याचिका भी अभियुक्त की ओर से दाखिल नहीं की गई. संभव है, वो सोंचते हैं कि उन्हें भारत के संविधान के समक्ष घुटने नहीं टेकने चाहिए."
संसद में विपक्ष के नेता आडवाणी ने कहा कि भाजपा को लगता है कि वोट बैंक की राजनीति सरकार को इस मामले पर कोई बयान देने से रोक रही है.
उन्होंने कहा कि इस मामले पर यूपीए की चुप्पी देश को दो धरों में 'बाँट रही है'.