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रविवार, 08 अक्तूबर, 2006 को 21:11 GMT तक के समाचार

'तालेबान को समर्थन मिलने का ख़तरा'

अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो सैनिकों के कमांडर का कहना है कि अगले छह महीनों में लोगों का जीवन स्तर नहीं सुधरने पर वो तालेबान को फिर समर्थन दे सकते हैं.

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो के कमांडर जनरल डेविड रिचर्ड्स का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान ऐसे मुहाने पर खड़ा है जहाँ 70 फ़ीसदी अफ़ग़ान अपना समर्थन दोबारा तालेबना को दे सकते हैं.

उन्होंने कहा कि पाँच वर्ष और लड़ाई से जूझने के बजाए अफ़ग़ानिस्तान के लोग तालेबान के साथ 'दुखद जीवन' जीना पसंद कर सकते हैं.

उनके इस बयान से ठीक एक दिन पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद ब्रितानी सेना को हर संभव मदद देने का वादा किया था.

पुनर्निमाण

ब्रितानी सैन्य अधिकारी रिचर्ड्स 2500 सैनिकों का एक रिजर्व बटालियन चाहते हैं जो पुनर्निमाण और विकास कार्यों में मदद दे सके.

उन्होंने कहा कि दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में मोटे तौर पर स्थिरता कायम हो चुकी है और अब नैटो को सैन्य सफलता का फायदा उठाना होगा.

जनरल रिचर्ड्स कहते हैं," कंधार और हेलमंद में ज़बर्दस्त लड़ाई में 500 आतंकवादियों के मारे जाने के बाद हमनें एक अवसर बनाया है. अगर हम इसका फायदा नहीं उठा पाए तो लोगों का विश्वास टूट जाएगा."

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा का कमान संभालने के बाद अब पूर्वी हिस्से की ज़िम्मेदारी भी नैटो ने संभाल ली है.

पूर्वी हिस्से में मौजूद 12 हज़ार अमरीकी सैनिक अब नैटो के नियंत्रण में काम करेंगे.