शनिवार, 07 अक्तूबर, 2006 को 19:22 GMT तक के समाचार
भारत के असम राज्य में एक ग़ैर-सरकारी संस्था ने 'भारत से स्वतंत्रता' के मुद्दे पर एक स्वतंत्र जनमत-संग्रह करवाना शुरु किया है.
'असम पब्लिक वर्क्स' नाम की संस्था की ये पहल है और ये असम के अलगाववादी संगठन अल्फ़ा की इस विषय पर सार्वजनिक बहस की माँग के कुछ ही दिन बाद की जा रही है.
महत्वपूर्ण है कि हाल में भारत सरकार और असम के अलगाववादी संगठन अल्फ़ा के बीच संघर्षविराम ख़त्म हो गया था और अनौपचारिक बातचीत भी ठप्प हो गई थी.
अलगाववादी अपने पाँच साथियों को रिहा किए जाने की माँग पर अड़े थे जबकि सरकार का कहना था कि अल्फ़ा पहले बातचीत के बारे में अपनी प्रतिबद्धता पर सरकार को लिखित आश्वासन दे.
'संविधान में विश्वास'
इस संस्था का कहना है कि जनमत-संग्रह 45 दिन के भीतर पूरा हो जाएगा.
इस संस्था के निदेशक अभिजीत सरमा ने पत्रकारों को बताया कि ये संस्था स्वतंत्र तौर पर इस दावे की पुष्टि करना चाहती है कि असम के कई लोग भारत से स्वतंत्रता चाहते हैं.
उनका कहना था, "हम इस दावे की जाँच करना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि असम के लोग क्या सोचते हैं. इस सर्वेक्षण के पीछे यही मकसद है. हम असम की पूरी वयस्क जनसंख्या का सर्वेक्षण करना चाहते हैं."
इस काम के लिए 'असम पब्लिक वर्क्स' संस्था ने पाँच हज़ार पुरुषों और महिलाओं को घर-घर जाकर संप्रभुता के मुद्दे पर 'हाँ' या 'नहीं' के विकल्प के साथ लोगों के वोट एकत्र करने का काम सौंपा है.
महत्वपूर्ण है कि 'असम पब्लिक वर्क्स' संस्था का दावा है कि उसे भारत के संविधान में पूरा विश्वास है.
लेकिन कुछ भारतीय गुप्तचर एजेंसियों के अधिकारियों का मानना है कि जो लोग ये संस्था चलाते हैं, उनके अलगाववादी संगठन अल्फ़ा के कुछ लोगों के साथ संबंध हैं.