गुरुवार, 05 अक्तूबर, 2006 को 11:27 GMT तक के समाचार
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में डेंगू फैलने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और अस्पताल लोगों का उपचार करने के लिए तैयार हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदौस ने बताया कि अब तक डेंगू जैसे लक्षणों के साथ 2900 लोग सामने आए हैं जिनका इलाज चल रहा है.
उन्होंने बताया कि इस बीमारी से अब तक 15 लोगों की मौत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हुई है जबकि उत्तर प्रदेश में चार और पश्चिम बंगाल में तीन लोगों की मौत हुई है. पूरे देश में अब तक 38 लोगों की मौत डेंगू की वजह से हुई है.
रामदौस ने डेंगू के मामले में समाचार माध्यमों की भूमिका की भी चर्चा की, उन्होंने कहा, "मीडिया की भूमिका अच्छी और बुरी दोनों रही है, बुरी इस मायने में मीडिया ने बहुत घबराहट फैलाई है, अच्छी इस तरह से कि जागरूकता भी बढ़ी है."
उन्होंने कहा, "डेंगू का इलाज मुश्किल नहीं है, किसी भी अस्पताल में इसका इलाज हो सकता है, ज़्यादातर लोग एम्स जैसे अस्पतालों में जा रहे हैं लेकिन ऐसा करने की ज़रूरत नहीं है, वे कहीं भी इलाज करा सकते हैं."
स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि डेंगू महामारी नहीं है और सरकार का इसे महामारी घोषित करने का कोई इरादा नहीं है.
उन्होंने कहा कि "यह असल में सफ़ाई की समस्या है, यह एक सामाजिक प्रश्न है, सभी लोग इसके लिए ज़िम्मेदार हैं, सरकार अकेले इस समस्या से नहीं निबट सकती."
चिकेनगुनिया
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका ध्यान केरल में चल रही चिकेनगुनिया बीमारी पर भी है और वे हालत का जायज़ा लेने के लिए शुक्रवार को केरल जा रहे हैं.
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञ पहले ही केरल पहुँच चुके हैं और वे स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं.
केरल में अब तक चिकेनगुनिया से कई लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरी जाँच के बाद ही सही आँकड़े सामने आ सकेंगे.
पिछले वर्ष देश भर में डेंगू की चपेट में आकर 157 लोगों की मौत हो गई थी.