गुरुवार, 05 अक्तूबर, 2006 को 14:22 GMT तक के समाचार
भारतीय राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने संसद पर दिसंबर 2001 में हुए हमले के मामले में दोषी पाए गए मोहम्मद अफ़ज़ल के परिजनों की गुरूवार को फ़रियाद सुनी.
अफ़ज़ल की पत्नी तबस्सुम ने राष्ट्रपति से अपील की कि उनके पति को फाँसी की सज़ा न दी जाए.
राष्ट्रपति से मुलाक़ात के बाद तबस्सुम ने कहा, "राष्ट्रपति ने हमें भरोसा दिया है कि वो हमारी फ़रियाद पर विचार करेंगे. इससे कुछ उम्मीद की किरण जागी है."
अफ़ज़ल के रहम की अपील करने से मना करने की ख़बरों पर तबस्सुम ने कहा, "ये ग़लत है. उन्होंने कभी भी अपील करने से इनकार नहीं किया. इंसाफ़ मिलने का भरोसा उन्होंने खो दिया इसलिए वे चुप हैं."
राष्ट्रपति के साथ अफ़ज़ल के परिजनों की मुलाक़ात लगभग 15 मिनट चली.
डॉ कलाम से मिलने वालों में अफ़ज़ल की पत्नी तबस्सुम, उनका बेटा, उनकी माँ, अफ़ज़ल के वकील आरएन पंचोली और नंदिता हक्सर शामिल थे.
फाँसी पर राजनीति
दूसरी ओर भाजपा ने घोषणा की है कि अफ़ज़ल की सज़ा बरक़रार रखने के लिए वह राष्ट्रपति कलाम से मिलेगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी अनौपचारिक रुप से केंद्रीय गृह मंत्री से पूछा है कि क्या फाँसी की सज़ा को आजीवन कारावास में नहीं बदला जा सकता?
राष्ट्रपति से की गई अपील ही उनका अंतिम विकल्प है.
ख़बरें हैं कि इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार से इस अपील पर विचार-विमर्श शुरु कर दिया है.
उधर अफ़ज़ल को फाँसी दिए जाने के विरोध में बुधवार को दिल्ली में प्रदर्शन हुए. इस प्रदर्शन में कई मानवाधिकार संगठन और लेखिका अरुंधति राय सहित कई बुद्धिजीवी शामिल थे.
यदि 20 अक्तूबर से पहले राष्ट्रपति फाँसी की सज़ा माफ़ किए जाने की अपील पर अपना फ़ैसला नहीं देते हैं तो फाँसी की सज़ा टल जाएगी.
ऐसी सूरत में तिहाड़ जेल में चल रही फाँसी की तैयारियों को रोक देना होगा.