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बुधवार, 04 अक्तूबर, 2006 को 04:46 GMT तक के समाचार

'लाखों भूकंप पीड़ित अभी भी तंबुओं में'

अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसी ऑक्सफ़ैम ने कहा है कि पाकिस्तान में पिछले साल आए भूकंप में बचे 18 लाख लोग अभी भी बिना किसी सहायता के फिर एक बार ठंड की मार झेल रहे हैं.

पिछले साल आए 7.3 तीव्रता के भूकंप ने पाकिस्तान में भारी तबाही मचाई थी.

इसमें कम से कम 73 हज़ार लोग मारे गए थे और लाखों लोग बेघर हो गए थे.

ऑक्सफ़ैम का कहना है कि बेघर हुए लोगों में से 20 प्रतिशत से भी कम लोगों के लिए ही स्थाई निवास का इंतज़ाम हो सका है.

बाक़ी लोग अभी भी तारपोलीन के तंबुओं में रह रहे हैं.

पिछले साल की ठंड इन लोगों ने तंबुओं में ही काटी थी और इस बार फिर उनके सामने वही संकट है.

सहायता की ज़रुरत

ऑक्सफ़ैम की प्रवक्ता फ़रहाना फ़ारूकी का कहना है कि बर्फ़बारी शुरु हो चुकी है और लोगों को तत्काल सहायता की ज़रुरत है.

उनका कहना है कि सहायता और राहत कार्य बहुत धीमा है और उस पर नौकरशाही और भ्रष्टाचार की समस्याएँ हैं.

हालांकि उन्होंने कहा, "जब हमने देखा कि दुनिया के सबसे धनी देश अमरीका को तूफ़ान कैटरीना के बाद न्यू ऑर्लियॉन के पुनर्निर्माण में दिक़्कत हो रही है, तो पाकिस्तान को हो रही दिक़्कत से आश्चर्य नहीं होता."

संस्था ने पाकिस्तान सरकार से अनुरोध किया है कि वह सुनिश्चित करे कि तंबुओं में रह रहे लोगों के लिए ठंड आदि से बचाव के लिए पर्याप्त इंतज़ाम हों.

पिछले साल भी सहायता एजेंसियों को चिंता थी कि भूकंप पीड़ित इलाक़ों में पड़ने वाली भीषण ठंड की वजह से एक बार फिर मौतों का सिलसिला शुरु हो जाएगा. लेकिन पिछले साल ठंड कम पड़ी थी.

वैसे रेडक्रॉस और रेडक्रिसेंट सोसायटी के अंतरराष्ट्रीय परिषद ने कहा है कि औसतन छह सदस्यों वाले कोई 66 हज़ार परिवार अभी भी तंबुओं में हैं.

यह संख्या ऑक्सफ़ैम की संख्या से काफ़ी कम है.