बुधवार, 04 अक्तूबर, 2006 को 21:14 GMT तक के समाचार
सुशील झा
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत में मच्छरों से फैलने वाली बीमारी डेंगू का प्रभाव बढ़ता जा रहा है.
ख़बर हैं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के रिश्तेदार भी इसकी चपेट में आ गए हैं और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में भर्ती किए गए हैं.
राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में अब तक डेंगू के 500 से अधिक मामले आ चुके हैं जिसमें से साढ़े 350 दिल्ली के हैं और बाक़ी हरियाणा, राजस्थान एवं अन्य राज्यों के हैं.
इस संबंध में दिल्ली में गुरुवार को प्रभावित राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक बुलाई गई है. उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक कोई बड़ा फ़ैसला किया जाएगा.
महामारी से इनकार
लेकिन सरकार ने इसे महामारी घोषित करने से इनकार कर दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रि अंबूमणि रामदॉस ने एक बार फिर लोगों से संयम बरतने की अपील की है.
देश भर में डेंगू से मरने वालों की संख्या अब 30 हो चुकी है और राजधानी के अस्पतालों में डेंगू मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है.
उधर देश के सबसे बड़े अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में डेंगू प्रभावितों में महत्वपूर्ण लोग भी शामिल हो गए हैं.
ख़बरों के अनुसार प्रधानमंत्री के दो नाती और एक अन्य रिश्तेदार को डेंगू का संदेह है.
इस बारे में एम्स रेसीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना था कि तीन महत्वपूर्ण लोग डेंगू के संदेह में भर्ती किए गए हैं. लेकिन उन्होंने इससे अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया.
एम्स में इलाज के लिए लगातार कोशिशें हो रही है लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अब सरकार को इस बीमारी के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए.
उत्तर भारत में डेंगू तो दक्षिण भारत में चिकनगुनिया ने तबाही मचा रखी है. लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय का रवैया अभी तक गंभीर नहीं दिखा है.