मंगलवार, 03 अक्तूबर, 2006 को 14:13 GMT तक के समाचार
भारतीय संसद पर हमले के मामले में दोषी पाए गए मोहम्मद अफ़ज़ल की पत्नी तबस्सुम ने राष्ट्रपति भवन जाकर अपने पति को क्षमादान दिए जाने की अर्ज़ी दी है.
मोहम्मद अफ़ज़ल को 20 अक्तूबर को फाँसी दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है और राष्ट्रपति से की गई अपील ही उनका अंतिम विकल्प है.
अपने सात साल के बेटे के साथ राष्ट्रपति भवन गईं तबस्सुम ने पत्रकारों से बताया कि उनके पति क्षमादान मांगने के पक्ष में नहीं हैं लेकिन यह क्षमादान वे अपने और अपने बेटे के लिए माँग रही हैं.
मंगलवार के दिन दिल्ली और कश्मीर में मोहम्मद अफ़ज़ल को फाँसी दिए जाने या न दिए जाने की माँग को लेकर गतिविधियाँ चलती रहीं.
13 दिसंबर 2001 को तैनात जो सुरक्षाकर्मी इस हमले में मारे गए थे उनके परिजनों ने मंगलवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया है और राष्ट्रपति अब्दुल कलाम से अनुरोध किया है कि अफ़ज़ल के प्रति कोई नरमी न बरती जाए.
'एंटी टेरररिस्ट फ़्रंट' के नेता मनिंदरजीत सिंह बिट्टा के नेतृत्व में संसद पर हुए हमले में मारे गए सुरक्षाकर्मियों के रिश्तेदारों ने राष्ट्रपति को एक माँगपत्र सौंपा है और माँग की है कि 'अफ़ज़ल की सज़ा कम न की जाए.'
अनुरोध
अफ़ज़ल की सज़ा घटाए जाने के समर्थन में कई राजनीतिक दल और कश्मीरी नेता आगे आए हैं. भारत प्रशासित कश्मीर में राजनीति मुख्यधारा में शामिल दलों के साथ-साथ अलगवावादी संगठनों ने भी ऐसी माँग की है.
इस मामले में बरी हुए एसएआर गीलानी का कहना था कि यदि अफ़ज़ल को फाँसी होती है तो ये 'भारतीय लोकतंत्र पर एक धब्बा होगा.'
उनका कहना था कि वे ये नहीं कह रहे कि वे निर्दोष हैं लेकिन केवल इतना कह रहे हैं कि उन्हें न्याय नहीं मिला है.