सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता
बर्मा की सेना ने अपने यहाँ मौजूद भारत के पूर्वोत्तर इलाक़ों में सक्रिय विद्रोही गुटों के ठिकाने पर कार्रवाई की है. भारतीय सैनिक अधिकारियों ने ये जानकारी दी है.
अधिकारियों ने बताया है कि दोनों देशों की सेना ने कार्रवाई में समन्वय स्थापित करने का भी फ़ैसला किया है. इन अलगाववादी गुटों के ठिकाने भारत और बर्मा के सीमावर्ती इलाक़ों में हैं.
एक वरिष्ठ सैनिक अधिकारी ने बताया है कि बर्मा की सेना ने नगा और असम के अलगाववादी गुटों के दो ठिकानों पर धावा बोला. ये कार्रवाई बर्मा के सागैंग डिविज़न में हुई. ये इलाक़ा भारत की सीमा से लगा हुआ है.
सैनिक अधिकारियों के मुताबिक़ कार्रवाई के बाद विद्रोही बिना किसी संघर्ष के वहाँ से भाग गए. कोलकाता में मौजूद बर्मा के राजनयिकों ने यह तो स्वीकार किया कि सेना ने कार्रवाई की है लेकिन उन्होंने ज़्यादा विस्तार से कुछ नहीं बताया.
दावा
लेकिन भारत के एक सैनिक अधिकारी का दावा है कि यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (उल्फ़ा) और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नगालैंड (खापलांग) गुट के अन्य ठिकानों पर भी बर्मा की सेना कार्रवाई कर सकती है.
दूसरी ओर उल्फ़ा के सूत्रों का कहना है कि ताज़ा कार्रवाई में उनके दो लड़ाके मारे गए हैं. उल्फ़ा के प्रवक्ता रुबी भुईया ने कहा है कि अभी उनको स्पष्ट अंदाज़ा नहीं मिल पा रहा कि ये सैनिक कार्रवाई जारी रहेगी या कुछ ठिकानों को अपने नियंत्रण में करने के बाद बर्मा की सेना लौट जाएगी.
लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर बर्मा और भारत की सेना मिलकर भी उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करे, तो भी इससे बच निकलेंगे.
कुछ दिन पहले ही भारत सरकार और उल्फ़ा के बीच शांति वार्ता टूट गई थी. पिछले महीने ब्रिगेडियर जनरल फून स्वी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर आया था.
उसके बाद भारतीय रक्षा सचिव ने भी बर्मा का दौरा किया था, जिसके बारे में मीडिया में ज़्यादा हलचल नहीं हुई थी. माना जाता है कि इन बैठकों में मिल-जुलकर सैनिक कार्रवाई की योजना बनाई गई थी.