सोमवार, 02 अक्तूबर, 2006 को 16:14 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान ने वादा किया है कि अगर भारत ने इस साल जुलाई में मुंबई में हुए धमाकों के सबूत उसे उपलब्ध कराए, तो वह कार्रवाई करेगा.
पाकिस्तान की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा कि भारत की ओर से अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक संपर्क नहीं हुआ है.
रविवार को भारत ने कहा ता कि वह मुंबई धमाकों में पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने का सबूत पाकिस्तान को देगा.
11 जुलाई को मुंबई की कई ट्रेनों में एक के बाद एक हुए धमाकों में 180 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे.
इस धमाके की जाँच के बाद मुंबई पुलिस ने दावा किया कि इन हमलों के पीछे आईएसआई और लश्करे तैयबा का हाथ था.
पाकिस्तान ने तुरंत इन आरोपों को निराधार और काल्पनिक बताते हुए ख़ारिज कर दिया था. पाकिस्तान ने कहा था कि भारत ने उसे कोई सबूत नहीं उपलब्ध कराए हैं.
रविवार को नए विदेश सचिव शिव शंकर मेनन ने कार्यभार संभालने के साथ ही पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत पाकिस्तान को सबूत उपलब्ध कराएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की परख सिर्फ़ बयानों से नहीं बल्कि ज़मीनी स्तर पर की गई कार्रवाई से होगी.
बयान
जवाब में सोमवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा कि भारत अगर सबूत देगा, तो पाकिस्तान उस पर ज़रूर कार्रवाई करेगा.
उन्होंने कहा, "अगर भारत को लगता है कि उसके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे मुंबई धमाकों में यहाँ के लोगों का संबंध साबित होता है, तो हम उस पर कार्रवाई करेंगे. हम जाँच में भारत की मदद भी करेंगे."
तसनीम असलम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत ने अपने पास जिन सबूतों के होने का दावा किया है, उसे पाकिस्तान को उपलब्ध कराएगा.
उन्होंने बीबीसी को बताया कि सबूतों के बिना भारत के दावे को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा. तसनीम असलम ने कहा कि अगर सबूत उपलब्ध हुए तो दोषी लोगों पर आतंकवाद से संबंधित क़ानूनों के तहत कार्रवाई होगी.
शनिवार को मुंबई पुलिस के प्रमुख एएन रॉय ने एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया था कि मुंबई धमाकों की योजना आईएसआई और लश्कर ने बनाई थी.
उन्होंने कहा था कि इसमें लश्कर के भारत स्थित कुछ लोगों और युवा संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया (सिमी) के कुछ सदस्यों की मदद ली गई.
पुलिस प्रमुख के अनुसार इस मामले में 15 लोग गिरफ़्तार किए गए हैं जिनमें से 12 लोगों की इसमें सीधी भूमिका होने के प्रमाण हैं.
एएन रॉय का कहना था कि इस कार्रवाई को अंजाम देने से पहले लश्कर के कुछ स्थानीय लोग कई बार पाकिस्तान के बहावलपुर ज़िले में जाकर प्रशिक्षण पाकर आए थे.