सोमवार, 02 अक्तूबर, 2006 को 15:58 GMT तक के समाचार
दिल्ली में तेज़ी से फैलते डेंगू बुख़ार की रोकथाम के लिए अधिकारियों ने सोमवार को एक बड़े अभियान की शुरुआत की है. इस बुख़ार से अबतक 15 लोगों की मौत हो चुकी है.
राज्य के स्वास्थ्य सचिव डीएस नेगी ने बीबीसी को बताया कि इसकी रोकथाम के लिए हज़ारों की तादाद में स्वास्थ्यकर्मियों को अभियान में शामिल किया गया है.
उन्होंने बताया, "इस अभियान के तहत 2400 स्वास्थ्यकर्मियों को अभियान से जोड़ा गया है जो लोगों के घर-घर जाकर बुख़ार के फ़ैलने की वजहों की जाँच करेंगे."
उन्होंने बताया कि ये स्वास्थ्यकर्मी अलग-अलग इलाकों में जाएँगे और उन जगहों को चिन्हित करेंगे जहाँ डेंगू फैलाने वाले मच्छर के लार्वा पनप रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि दिल्ली में ख़तरनाक़ डेंगू बुखार पाँव पसार रहा है जिससे अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं एम्स के रेज़िडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता अनिल कुमार शर्मा ने शनिवार को कहा था कि उनकी जानकारी के मुताबिक इस बुख़ार से 15 लोगों की मौत हो चुकी है.
हालत यह है कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के डॉक्टर और छात्र भी इसकी चपेट में आ गए हैं और गत शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के एक छात्र डॉक्टर की इस बुख़ार के कारण मौत हो गई थी.
बढ़ती चिंता
प्रशासन ने यह भी स्वीकारा है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष डेंगू के ज़्यादा मामले सामने आए हैं.
एम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर डीके शर्मा ने बीबीसी को बताया, "अभी हमारे पास 45 मरीज़ भर्ती हैं जिनमें से 20 हमारे परिसर के ही हैं जबकि 25 अन्य राज्य के बाकी हिस्सों से आए हैं."
वहीं दिल्ली में डेंगू की हालत के बारे में स्वास्थ्य सचिव बताते हैं, "पिछले वर्ष के मुक़ाबले इस बारे डेंगू के ज़्यादा मामले सामने आए हैं. पिछले वर्ष सितंबर के अंत तक 159 मामले सामने आए थे जबकि इस बार संख्या 448 की है. हालांकि इनमें से आधे लोग आसपास के राज्यों से आए हैं."
हालांकि सरकार की ओर से कुछ एहतियाती क़दम उठाए गए हैं और दिल्ली के कई रिहायशी इलाक़ों में मच्छर मारने की दवा का छिड़काव किया गया है.
राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारियों के मुताबिक दिल्ली में 47 हज़ार घरों में ऐसे मच्छर पाए गए हैं और वहाँ दवा और घुँए का छिड़काव किया गया है.